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PPE किट के निर्माण में ग्लोबल हब बनेगा भारत, PM मोदी ने दी जानकारी

भारतवासियों के लिए खुशखबरी है.कोरोना से जंग लड़’ने वालों में से सबसे महत्वपुर्ण योगदान देने वाले डॉक्टर को अब कोई दि’क्कत नहीं होगी.अब देश में प्रतिदिन 3-5 लाख PPE Kits का निर्माण हो रहा है.अब आसानी से डॉक्टरों को यह उपलब्ध हो सकेगा.प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने इसकी जानकारी दी है.

भारत में कोविड-19 जैसी आपदा के खिलाफ लड़ते हुए भी देश की आर्थिक व्यवस्था को सदृढ़ करने के लिए तत्पर है.दो महीने पहले तक भारत में स्टैंडर्ड पीपीई कीट नहीं बनते थे लेकिन आज देश में प्रतिदिन 3-5 लाख पीपीई कीट का निर्माण हो रहा है.

क्या होता है पीपीई कीट

जैसा कि इसका नाम ही साफ कर रहा है कि इसे पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण कहते हैं. ये वह उपकरण होते हैं जो एक शख्स की रक्षा में इस्तेमाल होते हैं. मौजूदा स्थिति में पीपीई शब्द का इस्तेमाल मेडिकल फील्ड के संदर्भ में किया जा रहा है.यानी डॉक्टर, नर्स या बाकी स्टाफ द्वारा कोरोना वायरस से बचने के लिए पहने जाने वाले ग्लव्स, मास्क, चश्मे, सूट आदि सभी पीपीई होते हैं.पीपीई किट की वजह से ही संक्रमण के बीच काम करने के बावजूद डॉक्टर, नर्स और बाकी स्टाफ संक्रमित नहीं होता और सुरक्षित रहता है.

कई जगहों पर पीपीई की कमी की वजह से हेल्थकेयर वर्कर्स को बिना सुरक्षा उपकरणों के ही काम करना पड़ रहा है.कोरोना वायरस के मरीजों के बीच बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करना खतरे से खाली नहीं है.यह संक्रमण तेजी से फैलता है, इसीलिए तो ऐसे मरीजों को आइसोलेशन में रखा जाता है. इस खतरे को देखते ही कई जगहों पर डॉक्टर, नर्स और बाकी के हेल्थकेयर स्टाफ ने प्रोटेस्ट भी किया था.लेकिन अब राहत की खबर है,डॉक्टरों को पीपीई कीट की स’मस्या नहीं होगी.

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