पटना : बिहार विधानसभा चुनाव की डुगडुगी बज चुकी है. इसी बीच एनडीए और इंडिया गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर अंतिम दौर में बातचीत चल रही है. हालांकि दोनों ही जगह ‘पेंच’ फंसा हुआ है. हर पार्टी की अपनी-अपनी डिमांड है.

‘ऑफर सीट से संतुष्ट नहीं हैं मांझी’
बीजेपी सूत्रों का कहना है कि, केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री जीतन राम मांझी को जो सीटें ऑफर की गई है उससे वह संतुष्ट नहीं है. तभी तो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया ट्विटर (X) पर सीट शेयरिंग को लेकर अपनी व्यथा व्यक्त की है.

15 सीटों पर मांझी की निगाह
एक वक्त था जब जीतन राम मांझी पहले 20 सीट की मांग कर रहे थे. हालांकि वक्त के साथ उन्होंने इसमें कुछ समझौता भी किया है. अब 20 में उन्होंने 5 सीटों की कटौती कर दी है. जीतन राम मांझी की निगाहें 15 सीटों पर टिकी है.

रामधारी सिंह दिनकर की कविता
दरअसल, जीतन राम मांझी ने यह पंक्ति राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता से लिया है. जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और दुर्योधन के बीच के हुए संवाद को दर्शाया था. वैसे अक्सर ही राजनेता रामधारी सिंह की इस कविता को दोहराते रहते हैं.

इधर जीतन राम मांझी दिल्ली से असम के लिए रवाना भी हो गए हैं. हालांकि जाने से पहले उन्होंने यहां तक कह दिया कि सम्मानजन सीटें नहीं मिली तो चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि वह एनडीए के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे.



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