कोरोना संक्रमण के लिए किये गए लॉक डाऊन और सोसल डिस्टेंस बनाये रखने के लिए सरकार द्वारा किये गए तमाम प्रयासों का खुल कर मखौल उड़ाया जा रहा है। ट्रेन और बस से आने वाले मजदूरों की भले ही सरकारी स्तर से छानबीन कर उसे कोरेण्टाइन सेंटर तक भेजा जाता हो पर हर रोज रात भर सड़क मार्ग से भटकते हुए पैदल ही अपने घर जाने वाले सैकडों मजदूरों के लिए जिम्मेदार तंत्र धीरे धीरे उदासीन हो रहे हैं। यही कारण है कि प्रवासी मजदूर रात भर सैकड़ों मजदूर सड़क मार्ग से पैदल चल कर अपने घर पहुँच रहे हैं और उसे कहीं टोका टोकी नही किया जा रहा है। हद तो तब हो जाती है जब कोई उसे ये कह कर पुकारता है कि जाने दो महामारी जा रहा है।
जाहिर है ऐसी हालत रही तो संक्रमण रोकने के लिए सरकार द्वारा किये गए सारे प्रयास सरकारी तंत्र की उदासीनता की भेंट न चढ़ जाए।
खास बात ये है कि सड़क मार्ग में पैदल चलने के दौरान रास्ते मे कई थाना और प्रखंड क्षेत्र भी आता है पर कहीं भी इस बात की सुधि नही लिया जाना लोगों को आफत में डाल सकता है।

पिपरा थाना क्षेत्र के पिपरा बाजार होकर देर रात करीब 15 लोगों का ये जत्था हरियाणा से ट्रक पर राघोपुर थाना क्षेत्र के सिमराही तक आया और उसके बाद ये लोग पैदल ही पिपरा थाना क्षेत्र होते हुए मधेपुरा के लिए निकल गए ,जिसकी दूरी करीब 60 किलोमीटर होगी।



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