BIHARBreaking NewsSTATE

बिजली शुल्क, कोयला, रक्षा व वायु क्षेत्र प्रबंधन में व्यापक सुधार के होंगे दूरगामी परिणाम- उपमुख्यमंत्री

बिजली शुल्क, कोयला, रक्षा व वायु क्षेत्र प्रबंधन में
व्यापक सुधार के होंगे दूरगामी परिणाम- उपमुख्यमंत्री

पटना 16.05.2020

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोरोना संकट से मुकाबले के लिए घोषित 20 लाख करोड़ के पैकेज के चैथे चरण में बिजली शुल्क, कोयला, रक्षा उत्पादन, वायु क्षेत्र प्रबंधन, विमानन रखरखाव, अंतरीक्ष गतिविधियों व परमाणु ऊर्जा प्रक्षेत्र में व्यापक सुधार की घोषणा के दूरगामी परिणाम होंगे।

श्री मोदी ने कहा कि विद्युत शुल्क नीति में व्यापक सुधार की घोषणा से उपभोक्ता अधिकार को मजबूत करने के साथ ही पर्याप्त बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित होगी तथा लोड शेडिंग पर बिजली कंपनियों को दंडित करने का प्रावधान होगा। उपभोक्ताओं को डीबीटी के जरिए अनुदान देने तथा स्मार्ट प्री पेड मीटर लगाने के नियम भी बनेगे। बिजली उत्पादक कंपनियों को ससमय भुगतान के प्रावधान के साथ ही उनकी अक्षमताओं के बोझ से उपभोक्ताओं को बचाया जायेगा।

कोयला क्षेत्र में व्यापक सुधार के तहत अब कोई भी इच्छुक व्यक्ति खदान के लिए खुली बोली में भाग और उत्पादित कोयले को बेच सकता है जिसके लिए पात्रता की कोई शर्तें नहीं होगी तथा सफल बोली के बाद ही अग्रिम भुगतान करना होगा। पहले की निश्चित राशि की जगह अब नई व्यवस्था में राजस्व शेयरिंग होगी। कोयले की एक्सपोलेरेशन (खोज) में भी निजी भागीदारी के साथ नए आवंटियों को भी कोयला गैसीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जायेगा। बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 50 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है।

रक्षा उत्पादन में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 49 से बढ़ा कर 74 फीसदी कर दिया गया है। केन्द्र सरकार प्रतिवर्ष हथियारों के आयात पर प्रतिबंध की सूची अघिसूचित करेगी और आयातीत स्पेयर्स का निर्माण भारत में ही किया जायेगा। पीपीपी के आधार पर 13 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश से 12 एयरपोर्ट को विश्वस्तरीय बनाने के साथ ही विमानों के रख-रखाव व इंजनों की मरम्मत के हब के रूप में भारत को विकसित किया जायेगा।

इसके अलावा आणविक विकिरण तकनीक का इस्तेमाल कर पीपीपी माॅडल के आधार पर फल,सब्जियों व खाद्य संरक्षण की सुविधा विकसित की जायेगी।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.