भूखल घांसी के 20 वर्षीय बेटे कि अनीमिया से मौ’त, 12 वर्षीय बेटी कि हालत ‘नाजुक ॥
बोकारो/कसमार : बोकारो जिले के कसमार थाना क्षेत्र के करमा निवासी भूखल घांसी के बेटे नितेश कुमार घांसी ने आख़िरकार दम तो’ड़ा दिया । नितेश और उसकी 12 वर्षीय बहन रेखा को 22 अप्रैल को बोकारो के सदर अस्पातल मे भर्ती कराया गया था’ बता मौत कि ख़बर सुन कसमार अंचलाधिकारी राजीव कुमार एवं चिकित्सा प्रभारी मोहम्मद डॉक्टर नवाब अपनी टीम के साथ पंहुचे और मृतक को सामाजिक सुरक्षा के तहत तत्काल 10 हजार रूपए दिया तथा बाद में 10 हजार रुपए देने का आश्वासन दिया। बता दें कि नितेश की मौ’त बुधवार को एनिमिया के कारण सदर अस्पताल बोकारो में हो गई थी। लेकिन परिजनों ने कोरोना के भय से बगैर जांच किये शव को हाथ नहीं लगारहे थे। श’व लिये एंबुलेंस पिछले 6 घंटे से दरवाजे पर खड़ी थी। परिजनों एवं ग्रामीणों की मांग थी कि श’व का सैंपल लेकर पहले कोरोना जांच किया जाए उसके बाद ही श’व को हाथ लगाया जायेगा। लेकिन चिकित्सकों ने परिजन की बात को अनसुनी कर बगैर सैंपल लिए ही श’व को परिजन को सौंप रहे थे। इससे परिजन नाराज थे। नितेश के पिता भूखल घां’सी की भी मौ’त 2 माह पूर्व समुचित इलाज के अभाव में हो गई थी।

तब कथित रूप से भूख से मौ’त का मामला बता कर सरकारी महकमे में हड़’कंप मच गई थी। उस वक्त चिकित्सीय टीम ने पूरे परिवार पर एनिमिया रो’ग के लक्षण पाए थे। भूखल घासी की मौत की खबर आयी, उससे बोकारो जिले के ही न’हीं बल्कि समूचे राज्य के सरकारी अमले में कर्तव्यबोध का मानो उफान सा आ गया। झारखंड सरकार के खाद्य आपूर्ति एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव, निदेशक संतोष कुमार, बोकारो उपायुक्त मुकेश कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी भूपेंद्र ठाकुर, बेरमो एसडीओ प्रेम रंजन समेत कई अधिकारी कसमार प्रखंड मुख्यालय से मात्र 15 किलोमीटर दूर करमा शंकरडीह पहुंचे। इन्होंने घ’टना की जानकारी ली और संवेदना भी व्यक्त की। मृ’तक की पत्नी रेखा देवी के नाम पर तुरंत राशन कार्ड बनवाकर दिया गया। साथ ही तुरंत उसके नाम पर विधवा पेंशन और अम्बेडकर आवास की भी स्वीकृति हो गयी। रेखा देवी के नाम पर पारिवारिक योजना का लाभ स्वीकृत कर 10 हजार रुपये का तुरंत भुगतान किया गया। सचिव द्वारा बाकी 20 हजार रुपये खाता खुलवा कर जल्द से जल्द ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया।



Leave a Reply