राजस्थान के बूंदी जिले के हिण्डोली कस्बे में एक ऐसा मन्दिर है जहां से मूर्ति चुराकर ले जाने पर कोई पुलिस केस दर्ज नहीं कराया जाता. यहां रामसागर झील के किनारे रघुनाथ घाट मन्दिर से पार्वती जी की मूर्ति चुराने के पीछे की वजह अनूठी है.
मान्यता है कि जिस युवक की शादी नहीं हो पा रही, अगर वह इस मंदिर से गुपचुप तरीके से माता पार्वती की मूर्ति चुरा ले जाए तो उसकी शादी जल्द हो जाती है. यही वजह है कि कुंवारे युवक मन्दिर से रात के अंधेरे में गुपचुप मां पार्वती की मूर्ति उठा ले जाते हैं.
कुंवारे घर में पार्वती जी की पूजा करते हैं और उनसे शादी की मन्नत मांगते हैं. शादी के बाद रात के अंधेरे में चुपचाप दूल्हा-दुल्हन जोड़े से आते हैं और मूर्ति स्थापित कर चले जाते हैं. पहले से वेटिंग में चल रहे युवक इसी ताक में रहते हैं और फिर वे मूर्ति को चुरा ले जाते हैं. मन्दिर में दशकों से यह परंपरा चली आ रही है.

कुंवारे घर में पार्वती जी की पूजा करते हैं और उनसे शादी की मन्नत मांगते हैं. शादी के बाद रात के अंधेरे में चुपचाप दूल्हा-दुल्हन जोड़े से आते हैं और मूर्ति स्थापित कर चले जाते हैं. पहले से वेटिंग में चल रहे युवक इसी ताक में रहते हैं और फिर वे मूर्ति को चुरा ले जाते हैं. मन्दिर में दशकों से यह परंपरा चली आ रही है.



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