पटना. बिहार की सियासत में हर दिन कुछ ऐसा होता है जो मीडिया की सुर्खियां बनती हैं. बिहार में एनडीए के सीएम फेस घोषित करने को लेकर जारी राजनीति के बीच सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से इशारों में हुई बातचीत से जहां सियासी चर्चा गर्म हो गई, वहीं विधान परिषद में भी कुछ ऐसा हुआ जिसने बिहार सियासत में थोड़ी सरगर्मी और बढ़ा दी.दरअसल, विधान परिषद में नेता विपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जदयू को सीधा ऑफर दे दिया कि बीजेपी का साथ छोड़ दें और महागठबंधन में आ जाएं. राबड़ी देवी का यह ऑफर राजद के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के उस ऑफर के बाद काफी अहम हो जाता है.


दअसल, राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बीच राबड़ी देवी ने सत्ता पक्ष पर भड़कते हुए सीधे तौर पर कह दिया कि बीजेपी का साथ छोड़िए, हम आपके साथ आ जाएंगे. राबड़ी देवी ने आरक्षण के सवाल पर कहा कि फाइल उठाकर देख लीजिए, पंचायती राज में आरक्षण का विरोध जेडीयू ने किया था और कहा था कि पहले चुनाव होने दीजिए इसके बाद आरक्षण लागू होगा. अब उल्टा चोर कोतवाल कोतवाल को डांट रहा है. हालांकि, राबड़ी देवी ने जदयू नेता और एमएलसी नीरज कुमार की ओर मखातिब होकर तंज कसते हुए कहा कि आप लोग दोनों तरफ की मिठाई खाएंगे, यह नहीं चलेगा.

वहीं जब जेडीयू एमएलसी भागलपुर दंगे पर बोल रहे थे तब राबड़ी देवी ने उन्हें भी आड़े हाथों लिया और सवाल किया कि क्या यह दंगा आरजेडी के समय में हुआ है? इसपर नीरज कुमार ने कहा कि 1989 में कांग्रेस की सरकार के समय. राबड़ी देवी ने कहा फिर क्यों हर बात में लालू यादव-लालू यादव बोलते हैं. बेईमानी मत किजिए सदन में बैठकर, बिहार की जनता देख रही है, सुन रही है.पूर्व सीएम ने कहा, कोई काम करे आरजेडी-आरजेडी करते हैं जंगलराज, जंगलराज बोलते हैं. आजादी के बाद क्या जंगलराज नहीं था? इसके बाद नीरज कुमार ने भागलपुर दंगे पर आगे कहा कि अल्पसंख्यक उस दौर में अपनी जमीन को सस्ते दर पर बेचकर चले गए.





Leave a Reply