जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कहा कि गायघाट अंतर्गत बागमती नदी में नाव हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी। यहां पर मधुरपट्टी से उच्चस्तरीय पुल का निर्माण 24 करोड़ 28 लाख रुपये से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रगति यात्रा के दौरान भटगामा से मधुरपट्टी घाट पर पुल निर्माण की जो घोषणा की गई थी। वह अब साकार होने जा रही है। इस पुल के निर्माण के लिए ₹24 करोड़ 28 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके लिए हम समस्त क्षेत्रवासी आपके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हैं।

गायघाट के मधुरपट्टी घाट का नाम सुनते ही हम सभी को अपने क्षेत्र के वीर सपूत पिंटू कुमार सहनी की अद्वितीय वीरता और बलिदान की याद आती है। उन्होंने मधुरपट्टी नाव हादसे में कई मासूम छात्रों की जान बचाने के लिए अपनी जान न्यौछावर कर दी। उनके इस अतुलनीय साहस और त्याग के कारण ही आज वे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।

समाजसेवी दिनेश सहनी आजाद गांधी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री जी। यह पुल सिर्फ एक साधारण निर्माण नहीं, बल्कि वीरता और मानवता की अमर गाथा का प्रतीक बनेगा। अतः हम समस्त क्षेत्रवासी एवं पिंटू सहनी जी के परिजन आपसे यह विनम्र आग्रह करते हैं कि इस पुल का नाम भारत के पुरुष वीर स्वर्गीय पिंटू सहनी जी के नाम पर रखा जाए। इसके लिए निम्नलिखित नामों में से किसी एक को चुना जा सकता है:-
वीर पिंटू सहनी सेतु, अमर बलिदानी पिंटू सेतु, पिंटू कुमार, सहनी बलिदान सेतु, शहीद पिंटू सहनी स्मृति पुल, पिंटू सहनी, जीवन रक्षा सेतु, साहसी वीर पिंटू सहनी पुल, वीर शेर पिंटू सेतु, पिंटू कुमार सहनी मानवता सेतु आदि अपने स्तर से भी जो आपके द्वारा चयन किया गया नाम हो। चलेगा, लेकिन महोदय पुल का नाम पिंटू सहनी के नाम से ही पुल का निर्माण होनी चाहिए।
यह नामकरण केवल एक सम्मान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने का एक माध्यम भी होगा। इससे यह संदेश जाएगा कि समाज उन नायकों को कभी नहीं भूलता जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों के जीवन की रक्षा की।

भारत के वीर पुरुष शहीद पिंटू सहनी अमर रहे….! 🇮🇳




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