प्रखंड की बलहा में 3 जनवरी को सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई जाएगी । इसको लेकर सारी तैयारी पुरी हो गई है। जानकारी देते हुए दिनेश सहनी आजाद गांधी ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय राज्य जल मंत्री डाक्टर राजभुषण निषाद चौधरी शामिल होंगे। जानकारी के अनुसार आज के ही दिन महाराष्ट के सतारा जिले के एक छोटे से गांव में सावित्रीबाई फुले का जन्म हुआ था. भले ही आज की तारीख आपको आम दिनों की तरह सामान्य लगे. लेकिन आज वह दिन है जब केवल सावित्रीबाई फुले का ही जन्म नहीं हुआ बल्कि उनके साथ जन्म हुआ नारी शिक्षा और नारी मुक्ति आंदोलन का भी.सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में हुआ था. उन्होंने समाज सेविका, कवयित्री और दार्शनिक के तौर पर पहचान बनाई. खुद को शिक्षित करने के साथ ही उन्होंने अन्य महिलाओं को शिक्षित करने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी और देश का पहला बालिका विद्यालय खोला. भले ही धीरे-धीरे समय बीतता जा रहा है. लेकिन सावित्रीबाई फुले के योदगान को हमेशा याद किया जाता रहा है।








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