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अंतर्राष्ट्रीय मंच पर टीबी चैंपियंस के कार्यों की हुई सराहना

पटना- द यूनियन वर्ल्ड लंग कांफ्रेंस- 2024 का आयोजन बाली, इंडोनेशिया में 12-16 नवंबर तक किया गया. इसमें विश्व भर के 4000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमे रिसर्चर, वैज्ञानिक, चिकित्सक, सिविल सोसाइटी से जुड़े व्यक्ति, टीबी का दंश झेल चुके समुदाय, सरकारी अधिकारी, नर्सेज एवं छात्रों ने शिरकत की. शामिल प्रतिनिधियों ने फेफड़ों से जुड़ी बिमारियों के साथ टीबी पर चर्चा की और अपनी राय रखी.
सचिव, टीबी मुक्त वाहिनी ने प्रस्तुत किया पेपर:
कांफ्रेंस में टीबी मुक्त वाहिनी के बिहार के सचिव सुधेश्वर सिंह ने “इम्पैक्ट ऑफ़ टीबी सर्वाइवर लेड नेटवर्क इन इंडिया” ने अपना पेपर प्रस्तुत किया. पेपर के माध्यम से शामिल लोगों को राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम में टीबी चैंपियंस की भूमिका पर प्रकाश डाला गया. सुधेश्वर सिंह ने बताया कि पेपर के माध्यम से टीबी चैंपियंस द्वारा टीबी की रोकथाम के लिए सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देना, सामुदायिक स्तर पर रोग की रोकथाम एवं इससे बचाव के जागरूकता फैलाना, लोगों का संवेदीकरण करना तथा टीबी समुदाय की बेहतरी के लिए रणनीतिकारों के साथ वकालत करना टीबी चैंपियंस का प्रमुख कार्य है.
1000 टीबी चैंपियंस टीबी मुक्त वाहिनी में शामिल:
सुधेश्वर सिंह ने बताया कि टीबी मुक्त वाहिनी, बिहार में 1000 टीबी चैंपियंस शामिल हैं जो राज्य के 28 जिला में समुदाय के बीच जागरूकता की अलख जगा रहे हैं. इन्होने बताया कि देश के 17 राज्यों में टीबी चैंपियंस का नेटवर्क है जो राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम में अपनी सहभागिता सुनिश्चित कर रहा है. उन्होंने बताया की राज्य सरकार के यक्ष्मा उन्मूलन विभाग एवं रीच संस्था की सहयोग से राज्य में टीबी चैंपियंस का नेटवर्क तैयार किया गया.
टीबी चैंपियंस का कार्य सराहनीय:
डॉ. बाल कृष्ण मिश्र, अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी, टीबी ने कहा कि टीबी से जंग जीत चुके टीबी सर्वाइवरस उन लोगों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह योग्य हैं जिन्हें टीबी है, और टीबी से जुड़े कई पहलुओं की एडवोकेसी यानी पैरवी करने के लिए सबसे अच्छी स्थिति में हैं. हम टीबी सर्वाइवरस और चैंपियंस को आगे लाने और बिहार के टीबी उन्मूलन प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं, इन्होंने सराहनीय कार्य किया है.

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