भगवान गणेश का स्मरण किसी मंगल कार्य का आरम्भ करने से पहले किया जाता है। माना जाता है कि अगर आपके किसी काम में बार-बार बाधा आ रही हो, तो भगवान गणेश का नाम लेना चाहिए। इससे आपके कार्यों में आने वाली बाधा हट जाती है। भगवान गणेश को मंगल और समृद्धि का देवता माना जाता है। बुधवार के दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है। आप अगर किसी नई चीज का आरम्भ करना चाहते हैं, तो आप बुधवार के दिन भगवान गणेश का नाम लेकर उसकी शुरुआत कर सकते हैं। भगवान गणेश से ऐसी बहुत-सी खास बातें जुड़ी हुई हैं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आइए, जानते हैं कौन-सी हैं वे बातें।
बुधवार के दिन क्यों की जाती है श्री गणेश की पूजा
भगवान गणेश की पूजा बुधवार के दिन करने से एक कहानी जुड़ी हुई है। माना जाता है कि माता पार्वती ने जिस दिन भगवान गणेश को निर्मित किया था, उस दिन कैलाश पर बुधदेव भी उपस्थित थे। बुधदेव ने जब विनायक के दर्शन किए, तो उन्होंने प्रसन्नतापूर्वक अपना दिन यानी बुधवार को भगवान गणेश को समर्पित कर दिया। इस कारण बुध ग्रह के प्रतिनिधि दिन बुधवार के दिन श्री गणेश की पूजा की जाती है।
भगवान गणेश ने 3 साल तक लिखी थी महाभारत
माना जाता है कि गणेश जी केवल बुद्धि और मंगल कार्यों के ही देवता नहीं है बल्कि भगवान गणेश की लेखन गति भी बहुत तेज थी। यही कारण था कि वेदव्यास ने महाभारत को लिखने के लिए गणेश जी को चुना था। जिस महाभारत को लिखने में कोई और देवता सदियां लगा देता, उस महाभारत को वेदव्यास के कहने पर गणेश जी ने लिखा था। भगवान गणेश को पूरी महाभारत लिखने में तीन साल का समय लग गया था।






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