कोरोना संक्रमण से बचने के लिए पूरे देश भर में लॉक डाउन लागू है ।पटना में भी लॉक डाउन का अच्छा खासा असर देखने को मिल रहा है। लोग अपने-अपने घरों में कैद हैं। सार्वजनिक वाहनों यानि बस, ऑटो ई रिक्शा जैसे सवारियों का सड़क पर चलना बिल्कुल बंद है ।जरूरी काम से लोग अपने वाहनों से बाहर निकल रहे हैं लेकिन उस दौरान भी पुलिस उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की बात कह रही है। मतलब शरीर से शरीर की दूरी मिनिमम 2 मीटर जरूर रखी जाए। इस स्थिति में बिहार सरकार का परिवहन विभाग इन बातों पर मंथन कर रहा है कि लॉक डाउन के बाद बस ऑटो रिक्शा में सवारियों को बैठाने की क्षमता नए सिरे से तय की जाए।

बस ऑटो और ई रिक्शा में एक साथ इतने लोग अब नहीं बैठेंगे…
जी हां लॉकडाउन के बाद बिहार सरकार के परिवहन विभाग के द्वारा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़े बदलाव की पृष्ठभूमि तैयार की जा रही है। स्कूल बसों और ऑटो कैब टैक्सियों में कितने सवारी बैठकर एक साथ यात्रा कर सकते हैं. इसमें बदलाव लाने पर सरकार लगातार मंथन कर रही है। जाहिर सी बात है कि लॉक डाउन के बाद भी कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह पालन करवाया जाएगा।
इसके तहत बस ,ऑटो ईरिक्शा और कैब टैक्सियों में कितने सवारी एक बार में बैठाए जाएं इसे लेकर परिवहन विभाग चिंतन करने में जुटा है। सवारियों को बैठाने की व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव हो सकता है।
अब देखने वाली बात होगी कि परिवहन विभाग लॉक डाउन के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में किस तरह का बदलाव कर पाती है जो व्यावहारिक भी होगा।




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