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डीएम सौरभ जोरवाल ने की बच्चों को एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत

मोतिहारी, 04 सितंबर
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने मोतिहारी शहर के जीवन इंटरनेशनल स्कूल सिंघिया हिबन, बाईपास के बच्चों को एल्बेण्डाजोल की दवा खिलाकर राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस की शुरुआत की। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य को कृमि प्रभावित करता है। जिसके कारण बच्चों का शारीरिक, मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। इससे बचाव के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर बच्चों को दवा खिलाई जा रहीं है। उन्होंने बताया कि छूटे हुए बच्चों के लिए पुनः 11 सितंबर को सभी सरकारी / प्राइवेट स्कूलों आँगनबाड़ी केंद्रों में मॉप-अप दिवस पर कृमि से बचाव की दवा खिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि बच्चों में दवा खाने से हल्का- फुल्का साइड इफेक्ट हो सकता है। इससे घबराएं नहीं। जिला एवं प्रखंड स्तर पर रैपिड रिस्पॉन्स टीम की व्यवस्था की गईं है। हल्का साइड इफेक्ट का मतलब है कि आपके शरीर का कीड़ा समाप्त हो रहा है। जिलाधिकारी ने सभी अभिभावकों से सभी बच्चों को कृमि की दवा खिलवाने की अपील की। वहीं डीआईओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने कहा कि सबसे पहले इस बात का ध्यान रखना है कि बच्चा पूर्णतः स्वस्थ हो एवं खाली पेट न हो। कार्यक्रम का शुभारम्भ डीएम सौरभ जोरवाल एवं डीसीसी समीर सौरभ ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। मौके पर जीवन इंटरनेशनल स्कूल के संस्थापक महेश प्रसाद श्रीवास्तव, उमरेश देवी एवं अध्यक्ष जीवन प्रकाश ने डीएम, डीडीसी एवं उपस्थित पदाधिकारियों का स्वागत किया।

  • 31 लाख 75 हजार बच्चे खाएंगे कृमि की दवा

आशा समन्वयक नन्दन झा ने बताया कि जिले के 01 से 19 वर्ष तक के बच्चों को अलग अलग डोज के अनुसार 31 लाख 75 हजार 456 बच्चों को एल्बेण्डाजोल दवा स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में खिलाई जाएगी। अध्य्क्ष जीवन प्रकाश ने बताया कि जीवन इंटरनेशनल स्कूल बंजरिया में 1200, चांदमारी में 700, जीवन पब्लिक स्कूल लखौरा में 1200 बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। विद्यालय के बच्चों को दवा खिलाने में शिक्षक राजेश श्रीवास्तव, अमन गौतम, स्वर्णिम श्रीवास्तव, शिप्रा कु, अन्नू श्री, दिव्या दर्शना, शोभा सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डीआईओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि उल्टी, दस्त और कमजोरी जैसे कुछ साइड इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है। इन्हें आसानी से संभाला जा सकता है। प्रतिकूल घटना होने पर बच्चों को खुली छायादार जगह में लिटाकर आराम करवाएं और पीने का साफ पानी दें। ओआरएस का घोल दें। ध्यान रखें कि अगर बच्चे के लगातार असहज महसूस करने पर माता-पिता या अभिवावक द्वारा किसी भी चिकित्सकीय सहायता के लिए एएनएम या आशा से सम्पर्क करें एवं सदर अस्पताल लेकर आए। इस मौके पर डीडीसी समीर सौरभ, बीडीओ रोहन सिँह, डीआईओ डॉ एससी शर्मा, डीपीएम ठाकुर विश्वमोहन, डीसीएम नन्दन झा, डैम, डीपीसी, एमओआईसी, प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जीवन प्रकाश, यूनिसेफ़, पीरामल, सीफार एनडीडी कोर्डिनेटर, शिक्षक राजेश श्रीवास्तव, अमन गौतम, स्वर्णिम श्रीवास्तव व अन्य लोग उपस्थित थे।

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