मुजफ्फरनगर हिंदुओं की प्रमुख धार्मिक आस्था और विश्वास के लिए भी जाना जाता है। जिले में मौजूद बाबा गरीबनाथ महादेव की मान्यता खूब प्रसिद्ध है। महादेव के दर्शन के श्रद्धालु देश के अलग-अलग क्षेत्रों से भारी संख्या में पहुंचते हैं और महादेव से मनोकामनाएं मांगते हैं।
सावन के माह में बाबा गरीबनाथ महादेव को जलार्पण करने के लिए हर सोमवार भक्तजनों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। बाबा गरीब नाथ से जुड़ी भक्तों की आस्था वर्षों पुरानी मानी जाती है।
पहलेजा घाट के जल से होता है अभिषेक
बाबा गरीबनाथ में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालुगण जलाभिषेक के लिए आते हैं। सावन माह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहलेजा घाट का गंगा जल लाकर बाबा गरीबनाथ का अभिषेक करते हैं। पहेलजा घाट से यह दूरी 77 किलोमीटर है।
इस बीच कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन व सेवा दल जगह-जगह शिवभक्तों के लिए शिविर, पानी, शरबत व अन्य प्रकार की मूल सुविधाओं का भी प्रबंध करते हैं।
कौन हैं बिहार के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ
बाबा गरीबनाथ महादेव के इतिहास को बताते हुए पुजारी महंत कहते हैं कि मंदिर का इतिहास 100 साल से भी अधिक पुराना है। यहां एक बरगद का पेड़ था। ऐसी मान्यता है कि पेड़ की कटाई के समय बाबा महादेव स्वयं प्रकट हुए थे, जिसके बाद से इस स्थान पर पूजा-पाठ किया जाने लगा और देखते ही देखते इस जगह ने बाबा गरीबनाथ मंदिर का स्थान ले लिया।
भक्तों की होती है मनोकामनाएं पूर्ण
पुजारी बताते हैं कि बाबा के पास जो भक्त मनोकामनाएं लेकर आते हैं, बाबा उन्हें पूर्ण करते हैं। वह बताते हैं, बाबा का एक भक्त अपनी बेटी की शादी के लिए पैसे नहीं जुटा पा रहा था, जिससे वह परेशान रहता था।
एक दिन भोलनाथ ने उसके स्वप्न में आकर दर्शन दिए और कहा कि जाओ तुम्हारी बेटी की शादी हो जाएगी। इसके बाद जब व्यक्ति घर पहुंचा तो उसने शादी से जुड़ा सभी सामान अपने घर में मौजूद पाया।
वर्तमान में लाखों की संख्या में भक्तजन अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और बाबा का आशीर्वाद पाते हैं। सावन के महीने में बाबा को जलार्पण करने के लिए भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है।
चारों ओर भोले के जयकारों की प्रतिध्वनियां
गेरुए रंग में रंगारंग कांवड़ियों का जत्था सबसे पहले पहलेजा धाम घाट पहुंचता है, उस दौरान वहां पैर रखने तक की जगह नहीं होती। पहलेजा धाम से जल लेकर शिवभक्त मुजफ्फरपुर के लिए प्रस्थान करते हैं।
भक्तिमय माहौल में हर-हर महादेव, बोल बम और बाबा नगरिया दूर नहीं के जयकारे गूंजते रहते हैं। इसके बाद भक्तजन मुजफ्फरपुर के रास्ते कुढ़नी, तुर्की, रामदयालुनगर होते हुए बाबा गरीबनाथ मंदिर पहुंच बाबा गरीबनाथ पहुंच जलाभिषेक करते हैं।









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