पटना: पर्यटन विभाग द्वारा श्रावणी मेला 2024 में श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की उत्तम व्यवस्था मिलेगी। सुल्तानगंज के बाबा अजगैबीनाथ से गंगा जल लेकर बाबा वैद्यनाथ धाम, देवघर में जलाभिषेक की पवित्र यात्रा से मेरे बचपन की स्मृतियां जुड़ी हुई है, मैं उन कमियों को व्यक्तिगत रूप से स्वयं भी जानता हूं, जिसे दूर करने की आवश्यकता है। श्रावणी मेला को बेहतर बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने तीन माह पूर्व संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में हर 25 किमी की दूरी पर कमियों को चिह्नित करने हेतु कुल चार टीमों का गठन किया था ताकि गत वर्ष के अनुभवों को देखते हुए इस वर्ष कांवरियों को ज्यादा गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा सके। टीम ने जो रिपोर्ट दी है, उसके अनुसार कांवरियों के आवासन के लिए अधिक व्यवस्था, कांवर स्टैंड की संख्या में यथोचित वृद्धि, टेंट सिटी में साफ-सफाई की बेहतरीन व्यवस्था, टेंट सिटी में रोज चादर बदलने और परिसर को प्लास्टिक आदि से मुक्त रखने आदि की सलाह दी गयी थी, इसके अनुरुप इस बार विभिन्न सुधार किए गए हैं, जिसके बाद इस वर्ष श्रावणी मेला और भी आकर्षक होगा।
उपरोक्त बातें नीतीश मिश्रा, पर्यटन मंत्री, बिहार ने शनिवार को सूचना भवन में श्रावणी मेला की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि इस वर्ष श्रावणी मेला दिनांक 22 जुलाई से 19 अगस्त 2024 के बीच आयोजित किया जाएगा। गत वर्ष कुल 75 लाख श्रद्धालुओं का आगमन हुआ था, इस वर्ष ज्यादा से ज्यादा पर्यटक/श्रद्धालु यहां पहुंचे, इस हेतु सभी प्रकार की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की वैज्ञानिक गणना हेतु पीपुल काउंटिंग कैमरा मशीन का अधिष्ठापन किया गया है।






श्रावणी मेला, 2024 के अवसर पर काँवरियों/श्रद्धालुओं के विश्राम और आवासन हेतु भागलपुर के सुल्तानगंज और धोबई में पहली बार 200-200 बेड की टेंट सिटी बनायी गयी है, वहीं बाँका के अबरखा में 600 बेड और मुंगेर के खैरा में 200 बेड यानी कुल 1200 बेड की टेंट सिटी का निर्माण कराया गया है। सभी स्थानों पर प्रबंधक की नियुक्ति की गयी है, जिससे आवासीय सुविधा का बेहतर प्रबंधन हो सके। सभी टेंट सिटी में सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति, स्वच्छता संबंधी सुविधाएं, जिसमें प्रत्येक दिन हर प्रयोग के बाद चादर-बेडशीट को बदलने का प्रावधान किया गया है, चिकित्सा सुविधाएं, स्वच्छ महिला-पुरुष शौचालय, पेयजल, पंखे की उपलब्धता एवं अबाधित विद्युत आपूर्ति हेतु साइलेंटर जेनरेटर की व्यवस्था रहेगी। ट्वायलेट्स की लगातार हर 5-10 प्रयोग के उपरांत साफ-सफाई की जाती रहेगी। पूरा परिसर तंबाकू व प्लास्टिक मुक्त रखने की अपील उन्होंने श्रद्धालुओं से की है। उन्होंने बताया कि कांवरिया पथ पर सभी स्थायी पर्यटकीय संरचनाओं को न केवल श्रावणी मेला बल्कि सालों भर आवासन, कैफेटेरिया, सोलर लाइट से युक्त रखा जाएगा।



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