MUZAFFARPUR : बिहार प्रदेश में गत दिनों से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि दृष्टिगोचर हो रही है। इसी के मद्देनजर कोविड 19 (कोरोना वायरस) संक्रमण से बचाव को लेकर समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जिलाधिकारी डॉ० चंद्रशेखर सिंह के द्वारा बैठक आहूत की गई। बैठक में सभी कोषांगों के नोडल पदाधिकारी और वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि आगे आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हर- हाल में तैयार रहें। सभी कोषांग अपने -अपने उतरादायित्वो का निर्वहन गंभीरतापूर्वक करें। उन्होंने कहा कि हालांकि जिले में अभी एक भी पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है बावजूद इसके हमें तैयार रहना होगा ताकि यदि ऐसी स्थिति आती है तो उस चुनौती का सामना हम करने में सक्षम हो सके।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड में काम करने का निर्देश दिया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि लगातार स्क्रीनिंग का कार्य चल रहा है और सैंपल भी कलेक्ट कर के जांच हेतु भेजा जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि यदि ऐसे हालात आते हैं तो उससे निपटने के लिए सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली गई हैं। बैठक में क्वॉरेंटाइन सेंटर के लिए चिन्हित स्थलों एवं आइसोलेशन के लिए चिन्हित स्थलों की भी समीक्षा की गई एवं तत्सम्बन्धी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। सरकार के निर्देश के आलोक में सभी प्रखंडों में क्वॉरेंटाइन सेंटर चिन्हित करने का निर्देश संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि प्रखंड मुख्यालय में 300 से लेकर 500 तक की कैपेसिटी वाले क्वॉरेंटाइन सेंटर को तीन दिन के अंदर चिन्हित करके प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं।

अभी तक 321 सैंपल जांच हेतु भेजा गया है जिसमें 309 जांच नेगेटिव आए हैं वही 12 अभी अवेटेड हैं। निराश्रित एवं बाहर से फंसे हुए लोगों को भोजन एवं आवासन के लिए सामुदायिक किचेन चलाया जा रहा है, जिसमें अभी तक 27151 लोगों ने भोजन किया है। (खबर लिखने तक) 111619 प्रवासी बिहारी मजदूरों को मुख्यमंत्री सहायता राशि के तहत पेमेंट के लिए लॉक कर दिया गया है। जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि करोना महामारी के समय सभी पदाधिकारी अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वहन गंभीरता से करेंगे इसमें कोताही बरतने पर संबंधित पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।




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