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सब डरमल इम्प्लांट लगाने के लिए राज्य के 46 चिकित्सक हुए प्रशिक्षित

पटना- राज्य में पटना एवं भागलपुर जिले में महिलाओं के लिए नवीन अस्थायी गर्भनिरोधक के रूप में सब डरमल इम्प्लांट उपलब्ध कराया गया है. फिलहाल देश के 10 राज्यों में इम्प्लांट लगाने की सुविधा लाभार्थियों को उपलब्ध करायी जा रही है. राज्य में इम्प्लांट लगाने के लिए पटना एवं भागलपुर के चयनित संस्थानों के 46 चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया गया है जो पूरी दक्षता के साथ लाभार्थियों को इम्प्लांट लगा रहे हैं. इनमे पीएमसीएच के 15, गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल के 4, जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज, भागलपुर के 21 एवं जिला अस्पताल, भागलपुर के 6 चिकित्सक शामिल हैं. पीएमसीएच के 2 चिकित्सक डॉ. रानू सिंह एवं डॉ. मीनू शरण को सब डरमल इम्प्लांट लगाने के लिए नेशनल मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है.

करीब 1450 महिलाओं ने अपनाया सब डरमल इम्प्लांट:

ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अभी तक राज्य की करीब 1450 महिलाओं ने अपने परिवार को सीमित करने के लिए सब डरमल इम्प्लांट का चुनाव किया है. पटना में 936 एवं भागलपुर में 517 महिलाओं ने इम्प्लांट पर अपना भरोसा जताया है.

कुछ दिनों में फिर से गर्भधारण कर सकती है महिलाएं:

पीएमसीएच के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की चिकित्सक तथा मास्टर ट्रेनर डॉ. रानू सिंह ने बताया कि अगर कोई महिला बीच में ही गर्भधारण करना चाहती है तो वह इसे निकालने के कुछ दिनों में ही गर्भधारण के लिए तैयार हो जाती है. यह इसे अन्य उपलब्ध अस्थायी साधनों की तुलना में विशेष बनाता है. यदि कोई महिला गर्भधारण में प्राथमिकता के आधार पर तीन साल की देरी करना चाहती है, तो इसमें सब डर्मल इम्प्लांट प्रभावी है. उन्होंने बताया कि काउंसलिंग के दौरान सब डर्मल इमप्लांट के प्रति कई महिलाएं उत्साहित दिख रही हैं. कॉपर-टी के बाद सब डर्मल इंप्लांट दूसरा अस्थायी गर्भनिरोधक साधन है जो लंबे समय के लिए है.

क्या है इम्प्लांट:

इम्प्लांट एक माचिस की तीली के आकार की छोटी, पतली और लचीली रॉड है, जिसे महिला की बांह के ऊपरी हिस्से में त्वचा के नीचे प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा लगाया जाता है. यह 3 साल तक अनचाहे गर्भ से सुरक्षा प्रदान करता है.

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