लखनऊ. कुछ दिनों पहले केजीएमयू (KGMU) के प्रोफ़ेसर डॉ. विजय कुमार सिंह को गोली मारकर उनकी कार लू’टने वाले आ’रोपियों को पुलिस ने शनिवार को एन’काउंटर (Encounter) के बाद गि’रफ्तार कर लिया. आ’रोपियों में लखनऊ में तैनात एक सीनियर पीसीएस अफसर का बेटा भी शामिल है. क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन में दो आ’रोपितों को गि’रफ्तार किया गया है. एक आ’रोपी के पैर में गोली लगी है. पुलिस ने बताया कि’ गर्लफ्रेंड को गिफ्ट करने के लिए कार लूट को अंजाम दिया गया था.
लखनऊ के पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडे ने बताया शनिवार रात करीब 8:30 बजे सुशांत गोल्फ सिटी के पास बिना नंबर की कार को पुलिस ने चेकिंग के दौरान रोकने की कोशिश की. इस पर कार में बैठे बदमाशों की ओर से फायरिंग की गई. पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोका तो उसमें बैठे बदमाशों ने गोली चलाते हुए भागने की कोशिश की. जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की तो एक बदमाश के पैर में गोली लगी और दूसरे को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया. उन्होंने बताया कि गोली लगने से घायल बदमाश का नाम आयुष सिंह उर्फ आयुष रावत है, जबकि दूसरे गिरफ्तार बदमाश का नाम यथार्थ सिंह उर्फ यश ठाकुर है. बदमाशों से 20 अप्रैल की रात सुशांत गोल्फ सिटी से केजीएमयू के डॉक्टर वीके सिंह की लूटी गई वेंटो कार बरामद हुई है.
गर्लफ्रेंड को गिफ्ट करने के लिए लूटी थी कार
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पुलिस कमिश्नर के मुताबिक बदमाश यश ठाकुर के पिता सीनियर पीसीएस अफसर हैं और वक्फ बोर्ड में तैनात हैं. पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गर्लफ्रेंड को कार गिफ्ट में देने के लिए इस लूट की वारदात को अंजाम दिया गया था. एसीपी कृष्णानगर दीपक कुमार सिंह ने बताया कि यथार्थ कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र से गैंगस्टर एक्ट के तहत वांछित था, जिसकी तलाश की जा रही थी. मुठभेड़ में एसीपी क्राइम आलोक सिंह, एसीपी कृष्णानगर दीप कुमार और इंस्पेक्टर अजय त्रिपाठी, इंस्पेक्टर अजय सिंह व दारोगा सुधीर अवस्थी शामिल थे. पुलिस कमिश्नर ने टीम को 25 हज़ार रुपये का ईनाम दिया है.



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