MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : भारत दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया- लोकसभा चुनाव 2024 अपने अंतिम पड़ाव पर है. सात चरण में हो रहे इस चुनाव का परिणाम की घोषणा 04 जून को की जायेगी. यह आम चुनाव 18वीं लोकसभा का चयन करेगा. चुनाव परिणाम की तिथि सातवें व अंतिम चरण के मतदान के 3 दिन बाद है.
लोकसभा चुनाव-2024 के लिए आगामी एक जून को सातवें और अंतिम चरण का मतदान होना शेष है. इधर मुजफ्फरपुर और वैशाली संसदीय क्षेत्र में मतदान पूरा होने के साथ ही अब मतगणना की तैयारियां प्रारंभ हो गईं हैं। मुजफ्फरपुर में मतगणना की तैयारियाें को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठकें करनी शुरू कर दी हैं। चार जून को मतगणना के दिन पहले मुजफ्फरपुर संसदीय सीट का परिणाम आएगा और इसके बाद वैशाली के सांसद की तस्वीर साफ होगी।

हालांकि, रुझान मतगणना शुरू होने के घंटे-डेढ़ घंटे बाद से ही मिलने शुरू हो जाएंगे लेकिन पूरी तस्वीर सामने आने में सात से आठ घंटे का समय लग सकता है। ऐसे में शाम चार बजे तक तस्वीर पूरी तरह से स्पष्ट हो सकती है।
चार जून को होने वाली मतगणना अहियापुर स्थित बाजार समिति में होगी. मुजफ्फरपुर और वैशाली दोनोn ही लोकसभा का स्ट्रांग रूम यहां है, जो सील होने के उपरांत पारा मिलिट्री फोर्स और CCTV के माध्यम से सतत निगरानी रखी जा रही है.
बता दें कि मुजफ्फरपुर लोकसभा क्षेत्र में कुल 6 विधानसभा क्षेत्र क्रमशः मुजफ्फरपुर नगर, कुढ़नी, बोचहाँ, सकरा, औराई और गायघाट हैं, वहीं वैशाली लोकसभा क्षेत्र में मीनापुर, कांटी, बरूराज, पारु, साहेबगंज, वैशाली सहित 6 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
मतगणना वाले दिन विधानसभावार 14-14 टेबल लगाए जाएंगे और हर टेबल पर एक मतगणना पर्यवेक्षक, एक मतगणना सहायक, एवं एक माइक्रो प्रेक्षक की नियुक्ति की गई है। साथ ही एक टेबल आरओ का होगा।

वहीं, पोस्टल-बैलेट के जरिये पड़े मताें की गणना के लिए विधानसभावार एक सहायक निर्वाची पदाधिकारी, एक मतगणना प्रेक्षक, दो मतगणना सहायक एवं एक माइक्रो प्रेक्षक की नियुक्ति की तैनाती की जाएगी। सबसे पहले पोस्टर-बैलेट से पड़े मतों की गणना की शुरू की जाएगी, जिसके लिए 10 टेबल लगाए जाएंगे. दोनों लोकसभा क्षेत्रों के लिए विधानसभावार अलग-अलग चक्रों में मतगणना होगी।

चुनाव आयोग के गाइड लाइन के अनुसार डाक मतपत्रों की गिनती प्रारंभ होने के 30 मिनट बाद इवीएम से वोट की गिनती शुरू होगी. मशीन में कोई एरर आने या मतों में भिन्नता होने पर तत्काल एआरओ सूचना देंगे. केन्द्र में मौजूद इंजीनियर मशीन की जांच करेंगे. अगर फिर भी परिणाम प्रदर्शित नहीं होता है तो कंट्रोल यूनिट को आरओ की अभिरक्षा में रखा जाएगा. आखिर में उस यूनिट से संबंधित वीवीपैट की पर्चियों की गणना की जाएगी. वहीं गणना पूरी होने के बाद आखिर में रैंडमली पांच वीवीपैट की पर्चियों की गणना की जाऐगी.
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव आयोग के गाइडलाइंस के अनुरूप सभी तैयारियाँ अंतिम चरण में है. मतगणना स्थल पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। केवल अधिकृत पास-धारक व्यक्ति ही मतगणना स्थल में प्रवेश कर सकेंगे। मतगणना कर्मियों का रेण्डमाईजेशन त्रिस्तरीय होगा। मतगणना हेतु मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण उपरांत नियुक्ति पत्र का वितरण आदि की प्रक्रिया अंतिम चरणों में है।
ईवीएम की मतगणना टेबल पर काउंटिंग सुपरवाईजर, काउंटिंग असिस्टेंट, काउंटिंग स्टाफ तथा एक माइक्रो ऑब्जर्वर रहेगा। ईवीएम/पोस्टल बैलेट की टेबल पर राजनीतिक दल या अभ्यर्थी काउंटिंग एजेंट/प्रतिनिधि की नियुक्ति कर सकते हैं, इस हेतु उम्मीदवारों को लिखित व मौखिक रूप से सूचना दे दी गई हैं.


मतगणना हॉल के बाहर पर्याप्त संख्या में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी और किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति के कमरे में प्रवेश करने या छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मतगणना के पश्चात विजय जुलूस, हर्ष फायरिंग, डीजे वाहन का प्रयोग, वाहन रैली आदि जैसे आयोजनों पर रोक रहेगी।
जिलाधिकारी श्री सेन ने कहा कि 2024 का चुनाव प्रतिशत काफी अच्छा रहा, जिससे 2019 चुनाव का रिकॉर्ड टूटा है। मतदाताओं में भी उत्साह का माहौल था। जनता से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि परिणाम चाहे जो भी हो, विधि व्यवस्था संधारण में जिला प्रशासन का सहयोग करें।















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