Disadvantage of hot water bath in summer: तपती गर्मी में ठंडे-ठंडे पानी से नहाना तो सबको अच्छा लगता है लेकिन गर्म पानी से नहाना कैसा लगता है? आजकल घरों में नलों से निकलता गर्म पानी गीजर को भी फेल कर रहा है. सुबह से ही टंकी के नल से खौलता पानी निकलने लगता है जो दोपहर में जाकर तो जलाने लगता है. इस पानी से नहाने के बाद जब आप बाहर निकलते होंगे तो अक्सर आपने देखा होगा कि आप पानी से नहाए हैं या पसीने से, आपको खुद ही अंतर पता नहीं चलता होगा. अगर आप सोचते हैं कि ये तो रोजाना की परेशानी है, क्या ही कर सकते हैं, नहाना तो पड़ेगा ही.. तो आपको बता दें कि आपका रोजाना गर्मागर्म शॉवर लेना आपको ऐसी भयंकर बीमारियों का शिकार बना सकता है, कि अगर आप जान लेंगे तो शायद इस पानी से नहाने से ही तौबा कर लें..
नई दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इंटर्नल मेडिसिन विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. एम वली कहते हैं, ‘आजकल जो नलकों से गर्म पानी आ रहा है वह सेहत के लिए बहुत नुकसानदेह है. गर्मी में नलों से आता पानी इतना गर्म हो जाता है कि उसका तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर हो जाता है. यह पानी रातभर टंकियों में भरा रहने पर भी ठंडा नहीं होता है. इसके सेहत पर कई गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं.
गर्म पानी के होते हैं इतने भयंकर नुकसान..
. अगर आप उससे चेहरा धोते हैं या सिर से नहाते हैं तो इससे बाल झड़ने का खतरा होता है.
. चेहरे की त्वचा में पिग्मेंटेशन हो सकता है. स्किन जल सकती है.
. नाक में पानी अंदर जाने से बर्निंग हो सकती है. नाक के अंदर की म्यूकोसा जल सकती है.
गर्म पानी अगर कान के अंदर चला जाए तो उससे वैक्स पिघल कर फैल सकती है और अंदर जा सकती है. इससे कान में दर्द के साथ अन्य परेशानियां हो सकती हैं.
. इस पानी से नहाने से खासतौर पर महिलाओं को मैन्स्ट्रुअल डिसऑर्डर्स हो सकते हैं.
. अगर इतने गर्म पानी को आप लगातार टॉयलेट में इस्तेमाल करेंगे तो उससे बवासीर, फिशर आदि हो सकते हैं.
. गर्म पानी के इस्तेमाल से यूरिन री इन्फेक्शन हो सकता है. यूरिन में जलन हो सकती है. खासतौर पर महिलाएं विशेष ध्यान रखें कि इतने गर्म पानी को गर्मी में जननांगों पर ज्यादा न लगने दें.
इतने गर्म पानी से नहाने से नहाने के बाद कमजोरी आ सकती है.
. इस पानी में हीट है और यह पूरे सिस्टम के लिए नुकसानदेह है तो इससे हाथ-पैरों में जलन हो सकती है. खुश्की हो सकती है. ड्राई स्किन हो सकती है.
. इससे नाखूनों को नुकसान हो सकता है. ब्रिटल ड्राई नेल्स हो सकते हैं.
. इससे नसों में भी एक सेंसेशन हो सकती है. कई बार यह हीट शरीर में हीट एक्जॉर्शन या अन्य हीट इलनेस का भी कारण बन सकती है.









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