पटना। सहयोगी संस्था ने बुधवार को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन सप्ताह के सात दिवसीय अभियान की शुरुआत की है। अभियान की शुरुआत में सहयोगी संस्था द्वारा समुदाय की महिलाओं एवं किशोरियों से उनके प्रथम मासिक धर्म के अनुभव को जाना। इस सप्ताह का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के प्रति जागरूक करना और समाज में इसके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना मुख्य उदृेश्य है। सहयोगी संस्था की कार्यकारी निदेशक रजनी ने इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में बात करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य न केवल मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, बल्कि समाज में इसके प्रति मौजूद भ्रांति और गलत धारणाओं को दूर करना भी है।
अभियान के पहले दिन महिलाओं और किशोरियों ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे उन्हें मासिक धर्म के दौरान कई तरह चुनौतियों का सामना करना पड़ा और उन्हें किस तरह की जानकारी और समर्थन की आवश्यकता थी। उनके अनुभवों ने स्पष्ट किया कि मासिक धर्म के विषय में शिक्षा और जागरूकता की कितनी आवश्यकता है।
मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक परिवर्तन लाना उद्देश्य:
सहयोगी संस्था की कार्यकारी निदेशक रजनी ने कहा “मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन सप्ताह का उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपने अनुभवों को बिना किसी झिझक के साझा कर सकें। इस प्रकार के संवाद से हम समाज में मासिक धर्म के प्रति सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।”
अगले छह दिनों में होगीं कई गतिविधियां:
अभियान के तहत अगले छह दिनों में विभिन्न गतिविधियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसमें माहवारी रैली, माहवारी मेला, रेड डॉट और ब्रेसलेट, माहवारी पर पेंटिंग, पैनल डिस्कशन और माहवारी पर लड़कों से बातचीत शामिल है। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी अभियान चलाया जायेगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसमें शामिल किया जा सके। सहयोगी संस्था का यह कदम निश्चित रूप से महिलाओं और किशोरियों के जीवन में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा और समाज को एक स्वस्थ और जागरूक दिशा में ले जाएगा।










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