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#MUZAFFARPUR : छात्रा पुनम हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार, रफा-दफा करने में जुटे पुलिस कर्मियों पर हो कारवाई : माले

मुजफ्फरपुर : भाकपा-माले व छात्र संगठन आइसा के नेताओं की संयुक्त टीम ने मुशहरी प्रखंड स्थित रजवाडा़ अंबेडकर छात्रावास पहुंच कर पिछले दिनों दलित छात्रा पूनम की मौत जो हत्याकांड है, की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

जांच टीम ने पाया कि छात्रावास के प्रबंधक तथा अन्य लोगों से मिली जानकारी से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि अंबेडकर छात्रावास का प्रशासन हत्याकांड को आत्महत्या का षड्यंत्र करने में जुटा है। ऐसी स्थिति में सरकार को उच्च स्तरीय जांच कराते हुए छात्रावास के प्रशासनिक अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। पुलिस-प्रशासन द्वारा दलित छात्रा पूनम हत्याकांड को आत्महत्या साबित करने की साजिश की जा रही है जबकि स्थिति से स्पष्ट है कि हाजीपुर दलित छात्रावास में डीका हत्याकांड की तरह ही यह हत्याकांड है।

पीड़िता के पिता पश्चिम चंपारण के रामनगर प्रखंड स्थित गोवर्धन गांव के लालजी मांझी ने विद्यालय प्रशासन पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगाया था। और सरकार से हत्याकांड की जांच की मांग की थी। लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी भी नहीं होना संदेहास्पद है।

जांच टीम में भाकपा-माले राज्य कमिटी सदस्य व खेत मजदूर सभा के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी, माले मुशहरी प्रखंड सचिव विमलेश मिश्र, आइसा के राज्य सह सचिव रौशन कुमार, माले प्रखंड कमिटी सदस्य उमेश भारती, नरेश राय, उत्तम कुमार निराला, शंभु राम, अनिल मिश्र व आइसा के बबलू कुमार शामिल थे।

माले व आइसा की जांच टीम ने जांच रिपोर्ट जारी करते हुए सरकार से मांग की है कि दलित छात्रा पूनम की मौत-हत्या की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, मौत-हत्याकांड को विद्यालय प्रशासन व पुलिस द्वारा रफा-दफा करने की साजिश पर रोक लगाई जाए तथा उन पर सख्त कारवाई की जाए, मृतक छात्रा के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा तथा परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।

माले व आइसा के नेताओं ने कहा है कि भाजपा- नीतीश की सरकार में छात्रावास में भी छात्राओं के साथ ज्यादती, बलात्कार और हत्या की घटना आम बनती जा रही है। मोदी-नीतीश सरकार का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा महज दिखावा है।

माले नेताओं ने कहा कि यदि छात्रा पूनम हत्याकांड पर सख्त कारवाई नहीं है की जाती है तो डीका हत्याकांड की तरह बड़े पैमाने पर आंदोलन खड़ा किया जायेगा। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद विधान सभा सत्र में भी माले व महागठबंधन के विधायक इस सवाल को उठाएंगे।

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