Breaking News

लालू अपनी बेटी के लिए तो चिराग जीजा के लिए मांग रहे वोट, धर्मसंकट में हैं गोपालगंज के सुदामा!

गोपालगंज. लोकसभा चुनाव में राजनीतिक और परिवारिक धर्म ने कई नेताओं को संकट में डाल दिया है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के लिए सारण में वोट मांग रहे हैं तो चिराग पासवान अपने जीजा अरुण भारती के लिए जमुइ में वोट मांग रहे हैं. ऐसे में गोपालगंज के बीजेपी के कद्दावर नेता और एससी-एसटी मोर्चा के जिलाध्यक्ष सुदामा मांझी धर्मसंकट में हैं, क्योंकि गोपालगंज सुरक्षित सीट से सुद्दामा मांझी का बेटा प्रेमनाथ चंचल महागठबंधन समर्थित पार्टी वीआइपी (विकासशील इंसान पार्टी) के उम्मीदवार हैं.

सुदामा मांझी के पास एक तरफ पार्टी का धर्मसंकट है, तो दूसरी परिवारिक धर्म का संकट है. बेटे के लिए वोट मांगे या पार्टी के संकल्प पर चलेंगे, यह सवाल उठने लगा है. हालांकि सुदामा मांझी की तरफ से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी है. यहां 19 अप्रैल से नामांकन शुरू हो रहा और 25 मई को मतदान है. चुनाव छठे चरण में है, इसलिए अभी सुदामा मांझी या उनकी पार्टी बीजेपी की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया गया है. अब आनेवाला वक्त बतायेगा कि गोपालगंज का परिदृश्य इस चुनाव में क्या होगा.

सुदामा मांझी एक सफल इंजीनियर और बिजनेसमैन हैं. बीजेपी के गोपालगंज में कद्दावर नेता माने जाते हैं और उनका पिछड़ा वर्ग में खास पैठ है. खासकर दलित और महादलित समुदाय के लोग उन्हें अपना नेता मानते हैं, यही वजह रही कि बीजेपी ने उन्हें अनुसूचित जाति मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया है. सुदामा मांझी पहले खुद और बाद में बेटे के लिए एनडीए से टिकट लेने के लिए प्रयासरत थे, लेकिन एनडीए के शीर्ष नेताओं के निर्णय के बाद गोपालगंज की सीट जेडीयू के खाते में चली गयी और उन्हें मायूस होना पड़ा. ऐसे में महागठबंधन ने इसका फायदा उठाया और इंजीनियर सुदामा मांझी के बेटे प्रेमनाथ चंचल को अपना उम्मीदवार बनाया है.

डॉ आलोक तोड़ पाएंगे 44 साल मिथक?

गोपालगंज में सन 1980 के बाद से लगातार दोबारा कोई सांसद नहीं बना है. ऐसे में इस बार चुनाव का परिदृश्य क्या होगा, कहना मुश्किल है. वर्तमान में यहां सांसद जेडीयू के डॉ आलोक कुमार सुमन हैं और दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरे हैं. एनडीए से पिछली बार दो लाख 84 हजार मतों से जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार गोपालगंज की 44 साल से चली आ रही मिथक को तोड़ पांएगे या नहीं, यह कहना चुनाव से पहले थोड़ा मुश्किल होगा. डॉ आलोक कुमार सुमन फिलहाल आशीर्वाद यात्रा निकालकर लोगों के बीच जा रहे हैं और जनता से आशीर्वाद मांग रहे हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.