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MUZAFFARPUR : शा’तिर हथि’यार त’स्कर कार’तूस संग गिर’फ्तार, STF की कार्रवाई में 1610 कारतूसों के साथ हुआ था गिरफ्तार

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : हथि’यार और कार’तूसों की तस्करी में लि’प्त एक तस्क’र को पुलिस और डीआईयू की टीम ने 800 राउंड जि’न्दा कार’तूस और 11 मोबाइल के साथ गिर’फ्तार किया है. तस्क’र की गिर’फ्तारी मुजफ्फरपुर जिले के बेनीवाद ओपी अंतर्गत थरमा इलाके से की गई है.

इस सम्बंध में एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि डीआईयू प्रभारी लाल किशोर कुमार को मिले इनपुट के आधार पर आशिक अंसारी को गिर’फ्तार किया गया है. डीआईयू प्रभारी को सूचना मिली थी कि बेनीवाद में का’रतूसों की खरीद बिक्री होने वाली है, सूचना के आलोक में बेनीवाद ओपी प्रभारी और अन्य पुलिस कर्मियों के साथ टीम गठित कर कि गई कार्रवाई के फलस्वरुप इस शा’तिर त’स्कर की गिर’फ्तारी हुई है.

उन्होंने बताया कि गिर’फ्तार त’स्कर काफी शा’तिर है और पुलिस की रा’डार से ब’चने के लिए कीपैड वाले मामूली मोबाइल का ईस्तेमाल करता है. आप’राधिक इतिहास के सम्बंध में उन्होंने बताया कि पूर्व में एक बार जे’ल जा चुका है. एसएसपी राकेश कुमार ने बताया कि अप’राधियों को अप’राध करने हेतु आशिक अंसारी उन्हें कार’तूस की सप्लाई किया करता है.

उन्होंने बताया कि ना केवल मुजफ्फरपुर और दरभंगा बल्कि आसपास के जिलों में भी अपरा’धियों और अन्य आप’राधिक गि’रोहों को कार’तूसों की सप्लाई किया करता था, जिन्हें चि’न्हित किया जा रहा है. साथ ही इसके नेटवर्क के अन्य साथियों का भी पता लगाया जा रहा है. एसएसपी ने अनुसंधान प्रभावित होने की वजह से खु’लासा नहीं किया कि कार’तूसों की इतनी बड़ी खे’प कहां से तस्क’री की जाती थी.

फ़िलहाल डीआईयू, पुलिस टीम के साथ साथ ख़ुफ़िया विभाग और सीआईडी की टीम सभी बिंदुओं पर जां’च पड़ताल करते हुए अग्रेत्तर का’र्रवाई में जुटे हैं. इस मामले में अभी और गिर’फ्तारियां संभव हैं. बताया जा रहा है की कार’तूसों की इतनी बड़ी खे’प की बराम’दगी पर पुलिस मुख्यालय के भी कान खड़े हो गए हैं. इस मामले पर पुलिस मुख्यालय के वरीय अधिकारी अपनी नज़र जमाये हैं और पल पल की खबर लेते हुए मॉनि’टरिंग कर रही है.

यहां बता दें कि रविवार 15 सितंबर 2019 की रात बिहार एसटीएफ की टीम ने अत्या’धुनिक स्वचालित हथि’यारों व कार’तूसों की तस्क’री करने वाले शा’तिर हथि’यार तस्कर मो. आशिक अंसारी को उसके दो साथियों क्रमशः दरभंगा के सिमरी निवासी अकिल और मुजफ्फरपुर के मुशहरी थाना क्षेत्र निवासी शमशेर को कुल 1610 राउंड जिन्दा कार’तूस के साथ गिर’फ्तार किया था. इसमें अकेले AK 47 में इस्तेमाल की जाने वाली 7.65 बोर की 1300 राउंड कारतूस के अलावा .315 बोर की 180 राउंड कारतूस, .30 बोर की 100 राउंड और .12 बोर की 30 राउंड कारतूस भी शामिल थे.

स्पेशल इनपुट के आधार पर बिहार एसटीएफ की टीम ने वैशाली-मुजफ्फरपुर के सीमा इलाके के फकुली चौक पर तुर्की, कुढ़नी और मनियारी थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त छा’पेमारी के दौरान एक यात्री बस से भारी मात्रा में जिन्दा कार’तूसों के साथ उक्त तीनों तस्क’रों को गिर’फ्तार किया था.

पुलिस पूछताछ में गिर’फ्तार तस्क’रों ने कार’तूसों की यह खेप उत्तर प्रदेश के बरेली से तस्क’री कर लाए जाने की बात बताई थी. उनके बयान के अनुसार सी’आईडी और ख़ुफ़ि’या विभाग की टीम ने तस्क’रों से पूछताछ भी की थी.

तत्कालीन एसएसपी मनोज कुमार ने इस सम्बन्ध में बताया था की बेनीवाद निवासी आशिक अंसारी तस्क’रों का सर’गना है और मुजफ्फरपुर व दरभंगा जिले का मुख्य कार’तूस सप्प्लायर भी. ये त’स्कर पूर्व में भी अवै’ध हथि’यारों और कार’तूसों की तस्क’री मामले में पटना, दरभंगा और मुंगेर जिले के जे’ल की हवा खा चुके हैं.

सूत्रों की माने तो विगत 15 वर्षों से इस धं’धे से जुड़े हैं और इस अवधि में लाखों कार’तूसों की तस्क’री कर अपरा’धियों और विभिन्न आप’राधिक गैं’ग को सप्लाई कर चुके हैं. सूत्रों के अनुसार बिहार के विभिन्न जिलों में इनका नेट’वर्क फैला है और छोटे-बड़े कई आप’राधिक गि’रोहों से इनके तार जुड़े हैं, जिन्हें यह कार’तूस सप्लाई करते हैं.

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