फेक न्यूज और संप्रदायिक हिंसा फैलाने वालों की कमी नहीं है। इसके लिए कई अराजक तत्व फर्जी सोशल मीडिया अकॉउंट बनाकर लोगों के बीच नफरत फैलाते हैं। फेसबुक पर ऐसा ही करने वाली निशा जिंदल नाम की एक महिला को जब गिरफ्तार करने के लिए पुलिस पहुंची तो असल में वह एक युवक निकला।

निशा जिंदल के नाम से बने फेसबुक पेज पर लगातार सांप्रदायिक कॉमेंट्स किए जा रहे थे, रायपुर पुलिस उसको गिरफ्तार करने पहुंची तो लड़की नहीं बल्कि रवि नाम का लड़का निकला। फिर पुलिस ने उसके ही पेज से हिरासत वाली उसकी तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा कि मैं पुलिस कस्टडी में हूं, मैं ही निशा जिंदल हूं। रवि 11 साल से इंजीनियरिंग पास नहीं कर पा रहा था। रवि पिछले 8 सालों से निशा जिंदल के नाम से फेसबुक चला रहा था और लोगों को प्रोफाइल फेक ना लगे इसलिए उसने निशा जिंदल के तथाकथित रिश्तेदारों के नाम से भी कई फेक प्रोफाइल बना रखी थी। रवि ने निशा जिंदल की तस्वीरों के रूप मे पाकिस्तान की एक मॉडल की तस्वीर का इस्तेमाल किया था। पेज के करीब 11 हजार फॉलोअर्स हैं। इसको लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बाघेल ने एक ट्वीट भी किया और कहा कि ऐसे किसी गुनहगार को बख्शा नहीं जाएगा।

बता दें कि ये कोई पहली बार नहीं है जब पुलिस ने इस तरह के किसी फर्जी सोशल मीडिया अकॉउंट को पकड़ा हो। इससे पहले भी कई बार सोशल मीडिया की मदद से बड़े बड़े दंगे भड़काने की कोशिश करने वालों को पुलिस ने धरा है। साथ ही इनकी भड़काउ पोस्ट को शेयर करने वाले भी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।




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