कोरोना के संक्रमण पर नियंत्रण और मजदूरों को काम पर लौटाना गुरुग्राम जिला प्रशासन की पहली दो प्राथमिकताएं हैं। हालांकि, इसमें कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी। सरल हरियाणा पर उद्योगों, इकाइयों और प्रतिष्ठानों से मिलने वाले आवेदनों को देखने और उनके अध्ययन के बाद ही उन्हें खोलने की अनुमति दी जाएगी। कोरोना संक्रमण के लिए गुरुग्राम के नोडल अधिकारी और हरियाणा सरकार में अतरिक्त मुख्य सचिव वी.एस. कुंडू ने ‘हिन्दुस्तान’ से कहा कि फैक्ट्रियों और कंपनियों को शुरू करने में गुरुग्राम जिले के भीतर लंबी दूरी के बीच कर्मचारियों और श्रमिकों के आवागमन को अनुमति नहीं होगी।
उन्होंने साफ किया कि फिलहाल दो जिलों के बीच और दो राज्यों के बीच कर्मचारियों और श्रमिकों की आवाजाही को स्वीकृति नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरल हरियाणा पोर्टल पर 100 कंपनियों ने काम शुरू करने के लिए आवेदन किए हैं। हमने इन आवेदन पर गौर करना शुरू कर दिया है। गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस का पालन करने वाली कंपनियों को ही स्वीकृति प्रदान की जाएगी। हमारी कोशिश है कि पहले उन कंपनियों को शुरू किया जाए जो श्रमिक तबके से जुड़ी हैं।
ये होगी प्राथमिकता
वी.एस. कुंडू ने कहा कि कोविड-19 पर नियंत्रण के साथ सरकार की बड़ी चिंता मजदूर वर्ग के लिए है। हम ऐसी कंपनियों को स्वीकृति देंगे, जिन्हें ज्यादा स्टाफ और उस स्टाफ को बहुत दूर से लाने की जरूरत नहीं है। इस सब के साथ हम यह भी देखेंगे कि वह अपने परिसर में कैसे सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करेंगी।

गुरुग्राम की स्थिति ठीक
गुरुग्राम से जिस प्रोफाइल का शहर है, उसके हिसाब से अभी तक की स्थिति ठीक है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता है कि कोरोना संक्रमण को नियंत्रण में रखते हुए श्रमिकों से जुड़े उद्योगों को गाइडलाइंस के हिसाब से मंजूरी दी जाए, ताकि एक महीने से अपनी कमाई पर खर्च चला रहे इस वर्ग को आसानी हो। ऐसी इंडस्ट्री और एसईजेड जो बंद रह सकते हैं उनको शुरू करना दूसरी प्राथमिकता में शामिल हैं। उन्हें हम तभी अनुमति देंगे। जब हमें लगेगा कि कोविड-19 को काबू में कर लिया गया और अब अधिक रिस्क नहीं है।
कंट्रोल रूम से निगरानी
जिन उद्योगों, इकाइयों और कंपनियों को काम करने की अनुमति दी जाएगी। उनके परिसर से सीसीटीवी फुटेज ली जाएगी, एक कंट्रोल रूम बनेगा। वहां से यह देखा जाएगा कि नियमों का पालन हो रहा है या फिर नहीं। इसके लिए उद्योग, एचआईडीसी और जिला प्रशासन के साथ-साथ हम वॉलंटियर की मदद भी लेंगे।
कंपनी कराएं कोविड-19 की जांच
कुंडू ने कहा कि यह भी सुझाव आया है कि आने वाले दिनों में ऐसी कंपनियां जो सक्षम हैं वे अपने कर्मचारियों को तभी बुलाएं जब वे कोविड-19 की जांच करा लें। उन्होंने कहा कि मारुति-होंडा समेत तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियां ऐसा करने में सक्षम हैं। इस सुझाव पर स्वास्थ्य विभाग विचार कर रहा है। विभाग के सहमत होने पर एक प्रोटोकॉल बनाया जाएगा। इससे बड़ी कंपनियों में काम पर लौटने वाले स्टाफ और उनके सहकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट अंतिम नहीं
नोडल अधिकारी वी.एस. कुंडू ने कहा कि रैपिड एंटीबॉडी जांच में किसी के पॉजिटिव मिलने के बाद उनकी लैब जांच क’रवाई जाएगी, तभी उस व्यक्ति को कोरोना संक्रमित माना जाएगा। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट में रैपिड जांच का महत्व है। इससे हमें कितना संक्रमण फैला है इसकी स्क्रीनिंग करने में मदद मिलेगी और स्वास्थ्य विभाग यह पता कर पाएगा कि संबंधित क्षेत्र में संक्रमण की स्थिति कैसी है? कुंडू ने कहा कि जरूरत पड़ने पर पूल टेस्टिंग भी अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए आईसीएमआर ने प्रोटोकॉल तय किए हैं।



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