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अंतिम चरण में विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले की तैयारी, देश भर से साधु-संतों का होने लगा जुटान

सारण:विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला अपने नए रंग रूप और पौराणिक अंदाज में फिर से लगने जा रहा है. सोनपुर मेला की तैयारी अपने अंतिम चरण में है. सारण जिला प्रशासन और पर्यटक विभाग मेले को खूबसूरत और आकर्षक बनाने में लगे हुए हैं. मेले के सफल आयोजन के लिए सारण जिला अधिकारी के द्वारा कई निर्देश भी जारी किए गए हैं.

मेले में होगी खास व्यवस्था: जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के सफल संचालन हेतु साफ-सफाई, बेरीकेडिंग, समुचित लाइटिंग, ध्वनी विस्तारक यंत्रों के साथ-साथ सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था व अन्य सभी तरह के इंतजाम किए गए हैं. वहीं आकस्मिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के साथ-साथ पुलिस एवं प्रशासनिक तंत्र के लिए अस्थाई शिविरों का निर्माण किया गया है. मेले में विधि-व्यवस्था एवं अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के सम्पूर्ण प्रभार में अपर समाहर्ता मो. मुमताज आलम रहेंगे.

सोनपुर मेला का लोगो जारी: सोनपुर मेला का लोगो जिला प्रशासन की ओर से जारी कर दिया गया है. लोगो को इस बार नए अंदाज में बनाया गया है जो बेहद आकर्षक लग रहा है. मेला के लोगो में गज और ग्रह की तस्वीर दिख रही है. वहीं नदी की धार और उगते हुए सूर्य को दिखाया गया है. साथ ही हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला लिखा होने के साथ अपना बिहार भी लोगों में अंकित किया गया है.

मेला में साधु-संतो का आगमन शुरू: सोनपुर मेला में संतसमागम के लिए साधु संतों का आगमन शुरू हो गया है. दूर-दराज से साधु संत के साथ अलग-अलग मान्यताओं वाले विभिन्न पंथ्यों के साधु संत भी सोनपुर पहुंचने लगे हैं. बिहार के कई जिलों सहित दूसरे राज्य के मठ, मंदिरों और अखाड़े से साधु, नागा साधु, संत का आगमन हो रहा है. इनमें नेपाल, गया, खगड़िया अखाड़ा, निर्वाणी अखाड़ा मकेर, दिगंबर अखाड़ा बगहा सहित अन्य अखाड़े से भी दिग्गज साधुओं का आना जारी है

मेले में संत, शिष्यों को देंगे दिक्षा: सोनपुर में पहुंचे मठाधीश, अखाड़ा के महंत अपने शिष्यों के साथ मेला में पहुंचे है. खास बात यह है कि कई ऐसे शिष्य हैं जिनको साधु संतु और मठाधीशों के द्वारा सोनपुर मेला में दीक्षा दिया जाएगा और फिर उन्हें परंपरागत शिष्य का दर्जा मिल जाएगा. नियमानुसार पहले दीक्षा लेने वाले शिष्यों के लिए भंडारा का आयोजन कराया जाएगा.

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