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फाइलेरिया नियंत्रनार्थ जिले में नाइट ब्लड सर्वे की हुई शुरुआत

मोतिहारी । फाइलेरिया रोग के नियंत्रनार्थ जिले में नाइट ब्लड सर्वे की शुरुआत गुरुवार रात 8:30 से हो चुकी है। जिले में यह अभियान 23 से 27 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान मोतिहारी शहरी क्षेत्र, घोड़ासहन, रक्सौल, बंजरिया, तुरकौलिया में 3 नये साइट यथा दो हाई रिस्क साईट एवं एक रैंडम साइट से 300-300 कुल 900 स्लाइड का संग्रहण लैब टेक्नीशियन द्वारा की जानी है। जाँच के दौरान लोगों में मौजूद छिपे हुए फाइलेरिया परजीवी की खोज की जाएगी। इस सम्बन्ध में जिला भीबीडीसीओ डॉ शरतचंद्र शर्मा ने कहा कि फाइलेरिया (हाथी पाँव) एक गंभीर रोग है जो मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से फैलता है। आमतौर पर फाइलेरिया के लक्षण शुरू में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते। इसके लक्षण आने में कभी कभी सालों लग जाते हैं। प्रायः फाइलेरिया मरीजों में बुखार, बदन में खुजली व सूजन की समस्या दिखाई देती है। इसके अलावा पैरों और हाथों में सूजन, हाथीपांव और अंडकोषों की सूजन फाइलेरिया के लक्षण हैं। फाइलेरिया हो जाने के बाद धीरे-धीरे यह गंभीर रूप लेने लगता है। इससे बचाव के लिए विभाग द्वारा जिले में नाइट ब्लड सर्वें कराया जा रहा है। ताकि लोगों में छिपे हुए फाइलेरिया परजीवी की पहचान हो सके। उन्होंने बताया कि सर्वें समाप्त होने के बाद बिहार के फाइलेरिया से प्रभावित जिलों में 10 फ़रवरी 2024 से सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। जिसमें 2 वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को अल्बेंडाजोल एवं डीईसी की गोली आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में खिलाई जाएगी।

जन जागरूकता हेतु गिधौना मस्जिद से हुआ एलान:

प्रभारी डीभीडीसीओ डॉ आलोक कुमार, भीडीसीओ सत्यनारायण उरांव, धर्मेंद्र कुमार, रविंद्र कुमार ने बताया कि नाइट ब्लड सर्वे की सफलता के लिए सम्बंधित क्षेत्र में प्रचार प्रसार किया जा रहा है। गिधौना मस्जिद से एलान करवाया गया। उन्होंने बताया कि जाँच स्थल पर बीसीएम, बीएचएम, सीएचओ, जीएनएम, भीबीडीएस कैंप इंचार्ज साथ ही संबंधित क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता, ऑगनवाड़ी सेविका मोबिलाइजर के रूप में सहयोग कर रही हैं।

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