गया: पीएम मोदी ने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर रविवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की। पीएम मोदी ने अपने 73वें जन्म दिवस और विश्वकर्मा पूजा के मौके पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत एक साथ पूरे देश के कई स्टेशनों पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिमोट दबाकर किया।
पीएम विश्वकर्म योजना के शुभारंभ कार्यक्रम का गया जंक्शन परिसर में सीधा प्रसारण किया गया। रेलवे द्वारा गया जंक्शन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी बतौर मुख्यअतिथि शामिल हुईं।
इस मौके पर पूर्व सांसद हरि मांझी और रामजी मांझी, गया नगर विधायक डॉ. प्रेम कुमार, वजीरगंज विधायक वीरेंद्र सिंह, पूर्व विधायक श्यामदेव पासवान, पूर्व एमएलसी कृष्ण कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम प्रकाश और रेलवे के डीआरएम राजेश गुप्ता, डीपीओ सुरजीत सिंह समेत रेलवे के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
क्या है इस योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य कारीगरों को आर्थिक सहायता देना है। यह योजना कारीगरों के पारंपरिक कौशल के अभ्यास को बढ़ावा देने और मजबूत करने में मदद करेगी। यह कारीगरों तक उत्पाद और सर्विस को सही से पहुंचाने में भी मदद करेगी। इस योजना के लाभार्थी को 15,000 रुपये का टूलकिट मिलेगा। इसके अलावा लाभार्थी को स्किल ट्रेनिंग के साथ 500 रुपये प्रति दिन के स्टाइपेंड भी मिलेगा।
क्या बोली केंद्रीय राज्य मंत्री
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि इस योजना से विश्वकर्मा समाज के लोगों को आर्थिक बल मिलेगा। वो आत्मनिर्भर बनेंगे, जिससे देश और विकसित होगा। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर सभी देशवासियों को विश्वकर्मा पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं भी दी।
जी-20 की बैठक का किया जिक्र
उन्होंने दावा किया कि देश में शिक्षा का स्तर पहले की अपेक्षा बहुत अच्छा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का दुनिया में बढ़ रहा है। अपने देश के लोग अपने कौशल पराक्रम कार्य क्षमता से दुनिया में नाम रोशन कर भारत का नाम ऊंचा कर रहे हैं। इसका उदाहरण है कि हाल ही में जी-20 की बैठक हुई दिल्ली में हुई। दुनिया के बड़े और विकसित देश के प्रमुख भारत में आए और भारत का विश्व में गाथा गया जा रहा है।
सहायता के दृष्टिकोण से प्रेरित है योजना
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना को 13,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ केंद्र सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित किया जाएगा। पीएम विश्वकर्मा योजना का दायरा काफी व्यापक है। इसमें अठारह शिल्पों को शामिल किया जाना है।
पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र और पहचान-पत्र के माध्यम विश्वकर्माओं को मान्यता प्रदान की जाएगी। विश्वकर्माओं को कौशल उन्नयन के लिए ऋण सहायता और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर नई दिल्ली के द्वारका स्थित इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर पर ‘पीएम विश्वकर्मा’ नाम से एक नई योजना का शुभारंभ किया।





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