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दिनभर पड़ी फुहार, देर रात झमाझम बारिश होने से शहर की सड़कों पर जलजमाव, घरों में भी घुसा पानी

जिले में सोमवार को अच्छी बारिश होने के बाद मंगलवार को भी दिनभर बारिश होती रही। रात करीब 11 बजे झमाझम बारिश होने लगी। इससे शहर की सड़कों व गली-मोहल्लों में पानी जमा हो गया। कई इलाकों में घरों के अंदर भी पानी घुस गया। इस कारण लोगांे की परेशानी बढ़ गई। घर में पानी घुसने के बाद सामान बचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। पूसा कृषि मौसम परामर्शी सेवा के नोडल अधिकारी डा. ए. सत्तार के अनुसार अगले दो दिन मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के जिलों में गरज के साथ भारी बारिश के आसार हैं। इस दौरान बिजली चमकते रहने की भी आशंका है। दूसरी तरफ नेपाल की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई आैर आंकड़ा 300 मिमी के करीब पहुंच गया। इससे उत्तर बिहार में बूढ़ी गंडक को छोड़कर अधिकतर नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि शुरू हो गई है।

मंगलवार को बागमती का जलस्तर सीतामढ़ी के सुप्पी में खतरे के निशान से ऊपर चला गया। जबकि, मुजफ्फरपुर जिले के कटौझा में खतरे के निशान से 1.50 मीटर नीचे व बेनीबाद में भी 1.45 मीटर नीचे रहा। गंडक नदी रेवाघाट में खतरे के निशान से 1.35 मीटर नीचे है। वहीं, बूढ़ी गंडक शहर के सिकंदरपुर में 6.43 मीटर नीचे बह रही थी। इसके साथ ही जल संसाधन विभाग ने तीनों नदियों के जलस्तर में बुधवार को वृद्धि होने की बात कही है। उधर, पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर के गंडक बराज से दोपहर में 1.50 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बता दें कि मुजफ्फरपुर में सोमवार को 63.59 मिमी हुई थी। अब मंगलवार को हुई तेज बारिश से किसान खुश हैं। इससे खेतों में सूख रही फसलों को जीवनदान मिला है। सूखे की स्थिति भी खत्म होगी। जबकि, बारिश के कारण अधिकतम तापमान भी सामान्य से 4.6 डिग्री कम 28 डिग्री पर पहुंचने से लोगों को गर्मी से राहत है।

नेपाल में इस प्रकार हुई है जलग्रहण क्षेत्र में झमाझम बारिश (मिमी में)

नदी का नाम स्थान हुई बारिश

  • गंडक अमलेखगंज 292.6
  • गंडक नीजगढ़ 199.2
  • गंडक चीसापानी गढ़ 193.6
  • गंडक कलैया 186.6
  • बागमती हरिहरपुर गढ़ी 254.6
  • नदी का नाम स्थान हुई बारिश
  • बागमती मरीन खोला 222.2
  • बागमती करमैया 159.4
  • बागमती/बुढ़ी गंडक सिमरा 125.7
  • कमला तुलसी 286.6
  • महानंदा/कोसी विराटनगर 212.2
  • 126 मिमी बूढ़ी गंडक के ग्रहण क्षेत्र में
  • 254 मिमी बागमती नदी के आसपास
  • 294 मिमी गंडक के जलग्रहण क्षेत्रों में

बकुची पीपा पुल का एप्रोच पथ ध्वस्त बसघट्टा-पहसौल डायवर्सन पर पानी

क्लब रोड में देर रात बारिश होने के बाद जलजमाव

बागमती के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि

पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण बागमती नदी की मुख्यधारा बकुची व उपधारा बसघट्टा के जलस्तर में मंगलवार को अप्रत्याशित उछाल आया। इससे बकुची पीपा पुल के दोनों छोर का एप्रोच पथ ध्वस्त हो गया। जिसके कारण पीपा पुल पर फिर से चारपहिया वाहनों की आवाजाही पर ब्रेक लग गया गया है। यात्रियों के सुरक्षा के मद्देनजर पीपा पुल संचालक द्वारा बांस का बैरियर लगा दिया गया है। वहीं पैदल व साइकिल, बाइक सवार अपनी जान को जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर है। बागमती नदी पर स्थाई पुल निर्माण नहीं होने से क्षेत्र के लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी है। ग्रामीण बताते हैं कि सरकार ने विकास के क्षेत्र में कई कार्य किए।

परंतु बागमती नदी पर स्थाई पुल बनने का सपना पिछले 30 वर्ष से देख रहे है। इधर, बसघट्टा-पहसौल डायवर्सन पर पानी का तेज धारा बह रही है। लोग धोबौली व बर्दबारा के रास्ते प्रखंड मुख्यालय पहुंचने को मजबूर है। वहीं बागमती नदी में पिछले कुछ दिनों से घड़ियाल के देखे जाने से लोगों के बीच भय व दहशत का माहौल बना हुआ है। पंसस बर्री विवेक ने बताया कि घड़ियाल गंगेया से लेकर भवानीपुर के बीच अक्सर बागमती की धारा में देखे जा रहे। इधर, बागमती के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही राजस्व कर्मचारी बाढ़ राहत सूची को अपडेट करने में जुट गए हैं। सीओ मनोज प्रसाद ने बाढ़ की तैयारी मुकम्मल किए जाने की बात कही है।

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