Breaking News

बगहा का 22 गांव 3 महीने तक टापू में तब्दील:बरसात में लोगों को होती है परेशानी

बगहा अनुमंडल के रामनगर में दोन क्षेत्र का 22 गांव पड़ता है। तीन महीने तक यह क्षेत्र अपने मुख्यालय से बिल्कुल कट जाता है। कारण बरसात के दिनों में बरसाती नदी इस क्षेत्र को बिल्कुल शहर से अलग कर देती है। नदियों के कारण 22 गांव का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट जाता है। करीब 27 हजार की आबादी तबाही झेलती है। पहले से जमा राशन-पानी समेत अन्य जरूरी सामान ही सहारा बनता है। ये लोग सालों से यह तबाही झेलते आ रहे हैं।

आने जाने के लिए दो रास्ता

दोन क्षेत्र के इन 22 गांवों से आने-जाने के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ता बगहा-दो प्रखंड के हरनाटांड़ से जाता है। वहीं दूसरा रास्ता रामनगर प्रखंड से जाता है। कनाडा प्रखंड से जाने के लिए तकरीबन 26 नदियों को पार करना पड़ता है। जबकि रामनगर से जाने के लिए 9 नदी को पार करना पड़ता है।

बगहा में नदियों के कारण 22 गांव का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट जाता।

बगहा में नदियों के कारण 22 गांव का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट जाता।

दरअसल, यह दोनों रास्ता वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से होकर गुजरता है। ऐसे में बरसात के दिनों में पहाड़ी नदियों की वजह से रास्ता खराब हो जाता है। साथ ही नदियों में पानी भर जाता है। इन रास्तों से आने के लिए कापन, हरहा, भलुई, मसान समेत अन्य पहाड़ी नदियां अड़ंगा डालती है।

ट्रैक्टर मात्र एक सहारा

बरसात के दिनों में यहां मात्र ट्रैक्टर ही एक सहारा है। ट्रैक्टर से ही यहां के लोग शहरों में आते हैं और जाते हैं। इतना ही नहीं कई बारी तो ट्रैक्टर भी नदियों में फंस जाता है। ऐसी स्थिति में दूसरे ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.