बिहार सरकार ने एक बार फिर बिहार और देश में आर्थिक आधारित जनगणना कराने की मांग कर दी है। बिहार इसको लेकर केंद्र सरकार को चिट्ठी भी लिखेगी। बिहार सरकार के संसदीय सह वित्त वाणिज्य कर मंत्री विजय चौधरी ने बयान दिया है। दरअसल, बिहार सरकार के मंत्री ने जातिगत गणना को लेकर नरेंद्र मोदी द्वारा गठित रोहिणी आयोग की रिपोर्ट का आधार बनाया है। विजय चौधरी ने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि देश में रोहिणी आयोग की रिपोर्ट जातीय गणना पर जोर देने का इशारा कर रही है।
उन्होंने कहा कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ 10 OBC जातियां करीब 25 फीसदी आरक्षण का लाभ लेतीं हैं। प्रतिशत में आंकड़ा निकालिएगा तो पता चलेगा कि 25 प्रतिशत OBC जातियां 97 फीसदी पिछड़ों के हक पर काबिज हैं। 2633 में 983 यानी 37 प्रतिशत पिछड़ी जातियों को आज तक आरक्षण का कोई लाभ ही नहीं मिला।
रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने पर स्पष्ट होगी स्थितियां
उन्होंने कहा कि रोहिणी आयोग की रिपोर्ट को लेकर जो जानकारी मिल रही है उस से यह साफ होता है कि बिहार में भी जातीय गणना कराई जाए। आयोग की रिपोर्ट में जो बात सामने आई है। उसमे आरक्षण के लाभ का फैलाव अलग-अलग जातियों के न्याय संगत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण के लिए अलग-अलग श्रेणी बनाने की बात कही है। विजय चौधरी ने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास अलग-अलग जातियों की गणना और उनकी पूरी जानकारी नहीं होगी, तो लोगों को सरकार आरक्षण का लाभ कैसे देगी। यही नहीं मंत्री विजय चौधरी ने मांग की है कि केंद्र सरकार रोहिणी आयोग की रिपोर्ट जारी करे। रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने पर स्थितियां और स्पष्ट होगी। जातिगत गणना कराने को लेकर मांग उठ रही है। बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने केंद्र सरकार से जातिगत गणना कराने की मांग दोहराई है।
10 OBC जातियां 25 फीसदी आरक्षण का लाभ लेतीं हैं
विजय चौधरी ने कहा है कि देर क्यों हो रही है। यह बात समझ में नहीं आ रहा है। केंद्र सरकार जनगणना के दौरान ही जातीय गणना करा ले। वर्ष 2011 में सेंसस कराई है। इस लिहाज से वर्ष 2021 में हो जानी चाहिए थी। हर दस साल पर जनगणना होती रही है, लेकिन, इस बार समझ से परे है। कोरोना खत्म हो गया। कोरोना के वक्त कहा जा रहा था कि वर्ष 2022 में करवा लिया जाएगा, लेकिन अभी तक नही हुआ।
सेंसस नही, कास्ट सेंसस कराए सरकार
विजय चौधरी ने कहा है कि केंद्र सरकार को अब चाहिए दोनों एक साथ करा ले। साथ ही विजय चौधरी ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार की जाति आधारित गणना न्यायालय में हस्तक्षेप के कारण रुकी है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 340 के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के उप वर्गीकरण करने के लिए 2017 में रोहिणी आयोग का गठन किया था।




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