राजकीय राजगीर मलमास मेला में कुण्ड स्नान के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालुगण पधार रहे हैं। 25 जुलाई तक लगभग 9 लाख श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुण्ड, सप्तधारा, सरस्वती कुण्ड, सूर्य कुण्ड, शालिग्राम कुण्ड, दुखहरणी कुण्ड एवं अन्य कुण्ड में स्नान किया है।
श्रद्धालुओं के लिए आपदा मित्रों की भी प्रतिनियुक्ति
राजकीय राजगीर मलमास मेला में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 160 आपदा मित्रों की सेवा भीड़ प्रबंधन एवं श्रद्धालुओं की सहायता के लिए ली जा रही है। इन्हें अलग-अलग पालियों में प्रतिनियुक्त किया गया है।

श्रद्धालु की सहायता करते आपदा मित्र।
श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे चिकित्सक मौजूद
राजकीय राजगीर मलमास मेला में श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा की व्यवस्था की गई है। संपूर्ण मेला क्षेत्र में 4 अस्थाई अस्पताल एवं 11 मेडिकल कैंप बनाए गए है। 40 चिकित्सक एवं 135 स्वास्थ्य कर्मियों को अलग-अलग पालियों में प्रतिनियुक्त किया गया है।
मलमास मेला में भीड़ की अधिकता के कारण कभी-कभी बच्चे/लोग अपने परिजनों से बिछड़ जा रहे हैं। निकटतम नियंत्रण कक्ष के माध्यम से अनाउंसमेंट एवं दूसरे नियंत्रण कक्ष के साथ समन्वय स्थापित कर बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया जा रहा है। 25 जुलाई तक 1246 बिछड़े बच्चों/लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया है।
25 जुलाई को 57 हजार श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुंड एवं सप्तधारा में स्नान किया है। जबकि सरस्वती कुंड, ब्रह्म कुंड परिसर एवं अन्य कुंड में 1 लाख 5 हजार श्रद्धालुओं ने स्नान किया है। वहीं, शालिग्राम कुंड, सूर्य कुंड, दुखहरणी कुंड एवं ब्रह्मकुंड परिसर के बाहर अन्य कुंड में स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 1 लाख 60 हजार है। 25 जुलाई तक 31 लाख श्रद्धालु/पर्यटक मलमास मेला में पहुंच चुके हैं।




बहुत बढ़िया न्यूज़ चैनल