समस्तीपुर के सिंघिया प्रखंड से गुजरने वाली कमला नदी के राजधाट के पास डायवर्सन बहने के बाद यातायात सेवा के लिए नया विकल्प तैयार किया गया है। बसौल गांव के पास बन रहे कमला नदी के पुल के अधूरे पहुंच पथ को बनाकर तत्काल चार चक्का वाहन तक के परिचालन की अनुमति दी गई है। इस पुल के शुरू होने से लोगों को सहरसा, दरभंगा जाने में थोड़ी राहत मिली है। बताया गया कि राजघाट से करीब तीन किलोमीटर दूर बसौल के पास इसी नदी पर पुल का निर्माण चल रहा था।

बसौल के पास पुल के पहुंच पथ को बनाकर आवागमन के लिए चालू किया गया है।
इस पुल में एक ही ओर का पहुंच पथ ही बना था। डायवर्सन बहने के बाद बसौल पुल के पहुंच पथ का निर्माण करा कर चार चक्का वाहन तक के परिचालन शुरू कर दी गई है। इस रास्ता के खुलने ये समस्तीपुर- दरभंगा का संपर्क फिर से बहाल हो गया है। इस पुल के रास्ते अभी सिर्फ चार चक्का छोटे वाहन ही जा पाएंगे। बड़े वाहनों को अभी रोसड़ा, बेगूसराय के रास्ते सहरसा, कटिहार आदि जिलों में जाना पड़ रहा है।

बड़े वाहनों की एंट्री पर फिलहाल रोक है।
दो दिन पूर्व बह गया था डायवर्सन
तीन दिन पूर्व कमला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने से सोहरबा घाट के पास राजघाट- सतीघाट को जोड़ने वाली सड़क का डायवर्सन कट गया था। डायर्सन के बह जाने के कारण इस रास्ते समस्तीपुर का दरभंगा से सीधा संपर्क टूट गया था। बसौल के पास पुल पर आवागन के शुरू होने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। आवागमन शुरू होने से लोगों को बहुत हद तक राहत मिली है।
नेपाल की नदियों ने बढ़ाई परेशानी
कमला नदी के जलस्तर के लगातार बढ़ोतरी के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। बताया गया है कि कोसी नदी के जलस्तर में इजाफे की वजह से के कमला नदी भी उफान पर है। नेपाल की नदियों से आने वाली पानी की वजह से नदी के जल स्तर में बढ़ोतरी हो रही है।



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