मुजफ्फरपुर जिले में श्रावणी मेला को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस लिया है। पूरे मेला क्षेत्र में कुल 23 मेडिकल कैंप बनाया गया है। इसके साथ ही एक मेडिकल कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। इस बाबत जिला के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ चंद्रशेखर प्रसाद ने जानकारी दिया है।
श्रावण मेला को लेकर जिला प्रशासन और जिला पुलिस ने अपनी अपनी तैयारियों को पूरा कर लिया है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कांवरिया रूट पथ मार्ग सहित बाबा गरीबनाथ मंदिर तक कुल 23 मेडिकल कैंप बनाया गया है। जिसमे की एक कैंप बाबा दूधनाथ महादेव मंदिर के पास बनाया गया है। वही 23 कैंप फकुली एनएच 77 से लेकर जिला के अंदर बाबा गरीबनाथ धाम मंदिर तक अलग अलग जगहों पर बनाया गया है।
मेडिकल कैंप की टीम रोस्टर के आधार पर आठ आठ घंटे की ड्यूटी करेंगे। जिसमे एक चिकित्सक दो पारा मेडिकल स्टाफ और दो एएनएम स्टाफ की तैनाती किया गया है। जो मेडिकल कैंप में दवाओ और अन्य सामग्री के साथ तैनात रहेगी।
इसके अलावा भी 10 एंबुलेस को मेला क्षेत्र रूट में भी लगाया गया है, जो कांवरिया को किसी भी तरह की परेशानी होने पर और बीमार पड़ने पर सीधा मदद दे सकेगी। उसके बाद उनके गंतव्य तक पहुंचा सकेगी। आपको बता दें कि इस बार दो माह यानी 8 हफ्ते का सावन माह होगा। जिसमे सभी टीम दो दिनों तक मुस्तैदी से काम करेगी।

निरीक्षण करते अधिकारी
प्रभारी सिविल सर्जन डॉ चंद्रशेखर प्रसाद ने बताया कि आगामी 10 से श्रावणी मेला शुरू होने जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के तरफ से सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। पूरे जिला में 22 चिकित्सा शिविर लगाया गया है। एक छपरा मेघ में बाबा दूतनाथ के मंदिर के पास बनाया गया है।
गरिबस्थान मंदिर के पास आकस्मिक व्यवस्था के लिए दो बेड भी लगाया गया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई दिक्कत होगी, तो उसका उपचार वहा होगा। पूरे जिला में 10 एंबुलेंस भी लगाया गया है। जिसमे कुछ स्टेटिक है। बाकी मोबाइल एंबुलेंस है। हेल्प लाइन कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। सभी कैंप पर एक चिकित्सक और चार से पांच पैरामेडिकल कर्मी एएनएम सहित लगाया गया है। सभी रोस्टर के मुताबिक 24*7 वहा मौजूद रहेंगे। सभी प्रकार की आकस्मिक दवाइया उपलब्ध करवा दी गई है।



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