नालंदा में एक रूसी नागरिक को अरेस्ट किया गया है। वह पिछले 2 साल से अवैध तरीके से भारत में रह रहा था। 2 जुलाई को वह नालंदा में 10 दिवसीय विपश्यना शिविर में साधना के लिए आया था। जहां डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान उसके फर्जी तरीके से भारत में रहने का पता चला। गुरुवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार किए गए रूसी नागरिक की पहचान अलेक्जेंडर तमित्रि चेकों के रूप में की गई है। उसके पास से पश्चिम बंगाल का फर्जी आधार कार्ड, अवैध वीजा (2 साल पहले एक्सपायर) और पासपोर्ट की फोटो कॉपी बरामद हुई है। उसने अपने वीजा की एक्सपाइरी डेट 2021 को 2024 कर दिया था।

2 जुलाई को नालंदा में 10 दिवसीय विपश्यना शिविर में साधना करने के लिए पहुंचा था।
90 दिन के टूरिस्ट वीजा पर 3 साल पहले आया था
नालंदा थाना अध्यक्ष दिनेश कुमार सिंह ने कहा कि जांच में पता चला कि रूसी नागरिक अलेक्जेंडर तमित्रि चेकों 90 दिन के टूरिस्ट वीजा भारत आया था। वो 29 जनवरी 2020 को मलेशिया से भारत के कोच्चि पहुंचा था। 90 दिन का टूरिस्ट वीजा 21 जनवरी 2021 तक एक्सटेंड कराने के लिए वैध था, लेकिन कोरोना के कारण भारत सरकार ने एग्जिट परमिट 30 सितंबर 2021 तक दी थी।
इंडिया से उसे जाने का निर्देश था, लेकिन रूसी वीजा में छेड़छाड़ कर अलेक्जेंडर ने 2021 को 2024 कर दिया था। पिछले 2 साल से वह अवैध रूप से भारत के कई राज्यों में घूम रहा था।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार अलेक्जेंडर 2 जुलाई को नव नालंदा महाविहार विश्वविद्यालय में 10 दिवसीय विपश्यना शिविर में विपासना (साधना) करने के लिए पहुंचा था। जहां विपश्यना सेंटर के प्रोफेसर डॉ. दीपांकर लामा ने उसके ओरिजिनल डॉक्यूमेंट की मांग की। रूसी नागरिक के पास वीजा और पासपोर्ट की फोटो कॉपी थी। वहीं, बंगाल का एक आधार कार्ड भी मिला।
इसके बाद आईबी बिहार को महाविहार प्रशासन ने सूचना दी। उन्होंने बताया था कि एक रूसी नागरिक आए हैं, जिनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है। फिर एसपी के निर्देश पर जांच शुरू की गई। थानाध्यक्ष ने कहा कि गिरफ्तार रूसी नागरिक ने वीजा से भी छेड़छाड़ की है। 2021 को 2024 कर दिया।



Leave a Reply