कई राज्यों की पुलिस को चकमा देने वाला सोना लुटेरा रवि राय दोस्त की लापरवाही के कारण पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। हालांकि, पुलिस ने रवि के दोस्त को गिरफ्तार नहीं किया है। लेकिन बरामद मोबाइल से कई राज खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गिरफ्तार रवि राय पर एससीएसटी एक्ट सहित कई मामले दर्ज है। रवि के पैतृक घर पर पुलिस कई बार छापेमारी कर चुकी थी। लेकिन, यूपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहा था।
कई बड़ी घटना को अंजाम दिया था
सोना लुटेरा गैंग के साथ मिलकर लगातार कई बड़ी घटना को अंजाम दिया था। लेकिन पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ रहा था। यूपी पुलिस ने एससीएसटी एक्ट मामले में रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद जेल से छूटते ही फिर से सोना लुटेरा गैंग में शामिल होकर बिहार, बंगाल, समेत अन्य कई राज्यों में सोना लूट की घटना को अंजाम दिया।
इसके बाद से बिहार पुलिस समेत अन्य राज्यों की पुलिस छानबीन में जुटी थी। हालांकि, बंगाल पुलिस एक सप्ताह पूर्व ही रवि के गांव में पटना पुलिस की तरह इश्तेहार चस्पा कर आ चुकी थी। इसके बावजूद पुलिस की गिरफ्त से बाहर था रवि।

आरोपी रवि राय की हुई गिरफ्तारी।
अलग-अलग नंबरों से बात करता था
गांव के एक दोस्त से रवि अलग-अलग नंबरों से बात किया करता था। इसकी बातचीत का मोबाइल नंबर रवि के एक एंटी के हाथ लग गया। फिर नंबर लखनऊ पुलिस के पास पहुंचा। वहां लखनऊ के एसपी अविनाश पांडे ने पटना पुलिस से संपर्क साधा। इसके बाद ऑपरेशन शुरू किया गया।
रवि राय का लोकेशन लखनऊ के अंसल थाना क्षेत्र के सरयू इन्क्लेव सेबई के ई 2 ब्लॉक के फ्लैट नंबर 107 में मिला। यह लखनऊ से 100 किलोमीटर के आसपास था। पुलिस 11 बजे रात तक पहुंच गई। लेकिन अचानक रवि का लोकेशन आउट हो गया। इसके कारण पुलिस को 2 घंटे तक पास की झाड़ी में इंतजार करना पड़ा। दो घंटे बाद लोकेशन मिलते ही पुलिस फ्लैट नंबर 107 में धावा बोल दिया, जहां रवि राय को पुलिस ने दबोच लिया। उसके कमरे से एक और युवक को पकड़ा गया। वहीं सर्च के दौरान पटना पुलिस को कमरे से कोई भी समान नही मिला।




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