मुजफ्फरपुर में मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान अष्ट धातु की मूर्ति चोरी हो गई। दो दिनों के बाद पुलिस ने मूर्ति बरामद कर लिया। दोनों मूर्तियों को मालखाना में रख दिया गया। लेकिन कोर्ट से रिलीज ऑर्डर मिलने के बावजूद मूर्तियों को रिलीज नही किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मालखाना में मूर्ति नहीं मिल रही है। मामला जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र का है।

गेट तोड़कर हुई थी चोरी
बता दें कि जिला के साहेबगंज थाना क्षेत्र के साहेबगंज बाजार के प्रतापपट्टी मुहल्ला स्थित बलराम दास रामजानकी मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य चल रहा था। इसी क्रम में मंदिर का दरवाजा तोड़ कर चोरों ने अष्टधातु की बनी हुई माता सीता और लक्ष्मण जी की अष्ट धातु की मूर्तियां चोरी कर ली गई थी। मूर्ति अप्रैल 2016 में चोरी हुई थी। जिसके बाद 22 जून 2016 को थाना में मंदिर के पुजारी दयानंद मिश्र ने मूर्ति चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। शायद भगवान का डर या फिर पुलिसिया दबिश का नतीजा रहा कि चोरों ने दो दिनों के बाद दास पोखर जिराती टोला के परिसर में ही दोनों मूर्तियों को फेंक दिया।
चोरी की घटना के मात्र दो दिन बाद उक्त मूर्तियों को बरामद करके साहेबगंज थाने ने अपनी उपलब्धि बताते हुए उन मूर्तियों को जब्त कर थाना ले आई और मालखाना में रख दिया। इसके बाद पुजारी ने 20 मार्च 2017 को उप खण्ड न्यायिक दंडाधिकारी पश्चिमी के यहां मूर्ति रिलीज कराने की गुहार लगाई। जिसके बाद कोर्ट द्वारा 23 मार्च 2017 को थाना से प्रतिवेदन मांगा गया। उस समय के तत्कालीन थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने 28 मार्च 2017 को कोर्ट में प्रतिवेदन समर्पित किया था।



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