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Lockdown 2.0: अनोखा सरकारी आदेश, टीचर्स की चींटियों और पक्षियों को दाना डालने में लगाई ड्यूटी…

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण की रफ्तार को थामने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन (Lockdown) है. इस बीच, सरकारी संस्थानों से जारी अनोखे आदेशों की इन दिनों सोशल मीडिया में धूम मची हुई है. अब एक स्कूल की दो शिक्षिकाओं की चींटियों को आटा और पक्षियों को दाना डालने में ड्यूटी लगाने का आदेश वायरल हो रहा है. सोशल मीडिया में दो दिन से यह आदेश वायरल (Viral) हो रहा है.

करौली जिले की हिंडौन तहसील के चमरपुरा के सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक ने यह अनोखा आदेश दिया है. स्कूल की आदेश पंजिका में इस आदेश को अंकित किया गया है. 13 अप्रैल को आदेश जारी होने के साथ ही वायरल हो गया. इसके मुताबिक, स्कूल की अध्यापिका पूजा जैन और अंजली गुप्ता को स्कूल परिसर में नियमित रूप से पक्षियों को दाना और चींटियों को आटा डालने के निर्देश दिए गए हैं. इसके पीछे राज्य सरकार के निर्देशों का हवाला दिया गया है. बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को स्कूल के प्रधानाध्यापक ने दोनों शिक्षिकाओं को यह आदेश व्हाट्सऐप के जरिए भेजा. उसके बाद से यह वायरल हो गया. वायरल आदेश में सोशल मीडिया यूजर कई तरह की टिप्पणियां कर रहे हैं. कोई इसके पक्ष में तो कोई इन आदेशों की खिल्ली भी उड़ा रहा है.

सीएम ने की थी यह अपील
सीएम अशोक गहलोत ने अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में निर्देश दिए थे कि लॉकडाउन में पशु पक्षियों के लिए भी दाना-पानी की व्यवस्था भी की जाए. इसके लिए समाजसेवियों की मदद लेने को भी कहा गया था, लेकिन इस तरह के सरकारी आदेश जारी कर पक्षियों और चींटियों को दाना पानी डालने के लिए ड्यूटी लगाने का यह पहला मामला है.

स्कूल प्रधानाध्यापक बोले- वायरल आदेश सही
इस मामले में चमरपुरा उच्च प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक कमल सिंह मीणा ने कहा कि वायरल आदेश सही है. कलेक्टर के भी आदेश हैं कि लॉकडाउन में जीवों के दाने-पानी का ध्यान रखना है. इसलिए स्कूल परिसर में दाना डालने के लिए 2 शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई गई है.
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शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा- मैंने आदेश नहीं देखा
शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि शिक्षिकाओं की चींटियों और पक्षियों को दाना डालने के लिए ड्यूटी लगाने के आधिकारिक रूप से तो शिक्षा विभाग के निर्देश नहीं हैं, लेकिन जीव दया के हिसाब से ऐसी कोई स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी दी है तो इसमें कोई हर्ज भी नहीं है. लॉकडाउन में जीव जंतुओं के दाना पानी का भी ध्यान रखना है. यह मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मामला है.

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