मध्य प्रदेश से डीसीएम से उन्नाव आ रहे 41 लोगों को पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान पक’ड़ लिया। ये सभी धार जिले में चूड़ी बेचने का काम करते हैं। लॉकडाउन की वजह से फंस गए थे। डीसीएम से उतारकर पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया। जांच के बाद उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया
अजगैन क्षेत्र के जमुनाखेड़ा निवासी कुछ लोग मध्य प्रदेश के धार जिले के खलघाट में चूड़ी बेचते हैं। लॉकडाउन से आय का साधन बंद होने से वे भुखमरी की कगार पर पहुंच गए। इस बीच खलघाट के लोगों ने उन्हें उन्नाव वापस भेजने की कवायद की। प्रशासन से अनुमति लेकर सभी की खलघाट में ही जांच कराई गई और बाद में डीसीएम से भेज दिया गया।
सोमवार को वाहन चेकिंग के दौरान जाजमऊ में पुलिस ने डीसीएम रोकी। कागजों की जांच की गई और बाद में डीसीएम सवार सभी मजदूरों को जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल में डाक्टरों ने उनकी सेहत की जांच की। सीओ यादवेंद्र यादव ने बताया कि डीसीएम में 14 पुरुष, 9 महिलाएं व 18 बच्चे थे सभी को अजगैन स्थित शेल्टर होम भेजा जा रहा है, जहां 14 दिन क्वारंटीन रहेंगे।
35 हजार में बुक हुई थी डीसीएम
खलघाट से सभी को उन्नाव भेजने के लिए डीसीएम बुक की गई थी। चालक ने बताया कि 35 हजार रुपये में बुकिंग थी। 10 हजार रुपये उसे एडवांस मिल गए थे, जबकि 25 हजार रुपये उसे जमुनाखेड़ा पहुंचने पर मिलने थे।
Input: Hindustan



Leave a Reply