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जहानाबाद में एंबुलेंस के अभाव में बच्चे की मौ’त के मामले में DM ने स्वास्थ प्रबंधक को किया ब’र्खास्त..

बिहार के जहानाबाद जिले में एंबुलेंस के अभाव में तीन वर्षीय बच्चे की मौ’त के मामले में जिलाधिकारी नवीन कुमार ने सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक कुणाल भारती को बर्खास्त कर दिया है। वहीं अस्पताल के कार्यकारी अधीक्षक डॉ. बीके झा एवं एक अन्य चिकित्सक आफताब आलम के खिला’फ प्रपत्र क का गठन कर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग को पत्र भेजा है।

सदर अस्पताल में इलाज के लिए तीन वर्षीय बच्चे रीषु कुमार को लेकर उसके पिता गिरजेश कुमार अपनी पत्नी के साथ शुक्रवार को पहुंचे थे। बच्चे को तेज बुखार और सांस लेने में कठिनाई की शिका’यत थी। चिकित्सकों ने बच्चे को तत्काल पीएमसीएच के लिए रेफर कर दिया। लेकिन, एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं कराए जाने के कारण बीमार बच्चा मां की गोद में तड़पता रहा और उसकी मौ’त हो गई।

बच्चे के श’व को पैदल गांव ले जाते दंपती की खबर प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया। इधर, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी लाइव हिन्दुस्तान में चल रही जहानाबाद की खबर को उद्धृत करते हुए सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा है कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आपदा आई है और सरकार उसी क्षेत्र में बुरी तरह फेल है।

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी जहानाबाद की घटना पर राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। इधर, डीएम नवीन कुमार ने एडीएम अरविंद कुमार मंडल, सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार और वरीय उपसमाहर्ता पंकज कुमार के नेतृत्व में जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम द्वारा रिपोर्ट दी गई कि मृतक रीषु कुमार की पिता गिरजेश कुमार ने अस्पताल प्रबंधक कुणाल भारती से बीमार बच्चे को ऑक्सीजन लगाने का अनुरोध किया।

पिता के अनुरोध पर स्वास्थ्य प्रबंधक ने अशोक कुमार नामक एक कर्मी को यह जिम्मेवारी दे दी। लेकिन, कर्मी अशोक कुमार ने बच्चे को ऑक्सीजन नहीं लगाया और उसे इमरजेंसी वार्ड में भेज दिया। इमरजेंसी वार्ड में चार नर्स मौजूद थी। किसी ने भी बच्चे को ऑक्सीजन लगाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई, नतीजतन उसकी मौ’त हो गई।

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