बिहटा थाना में राजद सुप्रीमो सह पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के छोटे साले पूर्व राज्य सभा सांसद सुभाष यादव, उनकी पत्नी रेणु और बेटे रणधीर यादव समेत सात लोगों पर रंगदारी, दबंगई और जबरन जमीन कब्जाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इनपर जमीन की रजिस्ट्री कराकर पैसा ना देने का आरोप है।
पीड़ित भीम वर्मा ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में गुहार लगाई। मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद बिहटा थाने में मामला दर्ज हुआ। डीएम और एसएसपी ने भी जांच की। एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामला नेउरा ओपी के बेला मौजा का है।

बिहटा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार।
तीन माह के लिए जमीन एग्रीमेंट
पीड़ित भीम वर्मा ने कहा, मेरे पिता सुरेश वर्मा ने अपने ही गांव के अरुण कुमार उर्फ मुंशी उर्फ मुखिया से तीन माह के लिए जमीन एग्रीमेंट किया था। परंतु अरुण कुमार ने तीन साल तक पूरे पैसे नहीं दिए और एग्रीमेंट पेपर भी नहीं दिया। जिसके बाद पूर्व राज्यसभा सांसद सुभाष यादव की पत्नी रेनू देवी पटना के निजी आवास पर मेरी मां मीना देवी को बुलाकर 96 लाख रुपए में जमीन की रजिस्ट्री कर दी। 7 कट्ठा जमीन बेला मौजा थाना नेउरा ओपी में है।
जमीन रजिस्ट्री कराने से पहले बताया गया था कि जमीन पहले से अरुण कुमार से एग्रीमेंट है। फिर भी सुभाष यादव बोले कि जमीन हम लेंगे। उसके अगले दिन 27 फरवरी 2021 को पूर्व सांसद सुभाष यादव ने मुझे फोन करके कहा, भाई और मां को मेरे आवास पर लेते आना। अरुण कुमार उर्फ मुखिया यहां पर बैठा है। वहां पहुंचा तो कहा, सारा पैसा मुझे दे दो और तुम्हारी जमीन हम वापस करेंगे और अरुण कुमार उर्फ मुखिया ने सहमति जताते हुए कहा जो सर कहेंगे वही हम करेंगे।



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