पटना हाईकोर्ट में जातिगत गणना मामले में आज सुनवाई होगी। सोमवार को इस मामले में सुनवाई 2 मई के लिए टाल दी गई थी। सरकार ने जो काउंटर एफिडेविट रिकॉर्ड में डाला था, वह ऑनलाइन था। इसी वजह से सुनवाई को टाल दिया गया था। आज इस मामले में फिर से सुनवाई होगी।
जातीय गणना पर रोक लगाने की मांग के साथ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कहा गया कि जनगणना केंद्र सरकार का अधिकार क्षेत्र है। बिहार सरकार की ओर से गणना असंवैधानिक है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामला बिहार से जुड़ा होने के कारण, पटना हाईकोर्ट में सुनवाई करने का आदेश जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट में सुनवाई का दिया था आदेश।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी याचिका
राज्य सरकार का कहना है कि जातिगत गणना एक ऐसा सर्वे है, जिसके जरिए सरकार लाभार्थियों की सही संख्या निकालते हुए उस हिसाब से नीतिगत फैसले ले सकेगी। इस सर्वे के जरिए तैयार रिकॉर्ड के आधार पर योजनाओं और सुविधाओं को राज्य के हर आदमी तक पहुंचाने की योजना है।



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