Breaking News

Railway Knowledge : पटरी के किनारे लिखा होता है ‘H’, क्या आप जानते हैं इसका मतलब

नई दिल्ली. ट्रेन से रोजाना लाखों लोग यात्रा करते हैं. लेकिन रेलवे से जुड़े कई ऐसे फैक्ट्स हैं, जिससे आज भी लोग अनजान हैं. रेलवे ट्रैक से लेकर ट्रेनों में कई ऐसे बोर्ड्स या साइन बने होते हैं, जिसका ज्यादातर लोगों को मतलब नहीं पता होता है. इन्हें जानना काफी जरुरी होता है क्यूंकि इनमें कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपी होती हैं. अक्सर आपने पटरियों के किनारे लगे साइन बोर्ड पर ‘W/L’ और ‘सी/फा’ या ‘H’ लिखा देखा होगा. लेकिन क्या आप इनका मतलब जानते हैं…नहीं तो चलिए जानते हैं.

इन विभिन्न चिन्हों की मदद से रेलवे का सुरक्षित संचालन करने में मदद मिलती है. साथ ही यात्रियों को भी सुविधा होती है. कुछ चिन्ह पर शब्द लिखे रहते हैं, तो कुछ बिना शब्द के होते हैं. आज हम ‘H’ शब्द वाले चिन्ह के बारे में बताएंगे कि आखिर क्यों रेलवे द्वारा इस चिन्ह का प्रयोग क्यों किया जाता है और इसका क्या मतलब है.

क्या होता है ‘H’ का मतलब
भारतीय रेलवे में पटरियों के किनारे इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों में ‘H’ शब्द भी शामिल है. इस शब्द का इस्तेमाल लोको-पायलट के लिए होता है. रेलवे में ‘H’ का मतलब Halt होता है. यह विशेषतौर पर लोकल पैसेंजर ट्रेनों के लिए होता है. जब भी लोको-पायलट पैसेंजर ट्रेन चला रहे होते हैं, तो उस रूट पर इस शब्द का इस्तेमाल किया जाता है. यह हॉल्ट स्टेशन से कुछ किलोमीटर की दूरी पर होता है, जिससे लोको-पायलट को पता चल जाता है कि आगे हाल्ट है, ऐसे में ट्रेन की रफ्तार धीमी करनी होगी.

क्या होता है हाल्ट स्टेशन
हॉल्ट का शाब्दिक अर्थ है पड़ाव. हाल्ट स्टेशन को गांव या फिर कस्बों में बनाया जाता है. रेलवे में हॉल्ट, ट्रेनों के वैसे पड़ाव को कहा जाता है, जहां कुछ ही ट्रेनें, खासकर साधारण पैसेंजर ट्रेनें ही रुका करती हैं. यहां अप और डाउन के अलावा एक्सट्रा रेलवे लाइन नहीं होती हैं. कई बार इमरजेंसी में या लाइन क्लियर नहीं हो तो एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हॉल्ट पर रोकना पड़ता है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.