लॉकडाउन के दौरान दिल्ली में बिना मास्क और ग्लव्स पहने सड़क पर साइकिल चला रही एक विदेशी महिला को रोककर जब पुलिस ने इसका कारण पूछा और नियम बताया तो वह महिला पुलिस अधिकारी से ही भि’ड़ गई और ब’हस करना शुरू कर दिया।
जानकारी के अनुसार, राजधानी दिल्ली में उरुग्वे की एक महिला को बिना मास्क और ग्लव्स पहने साइकिल चलाने पर दिल्ली पुलिस ने शनिवार को वसंत विहार के पश्चिमी मार्ग में रोककर जब पूछताछ की तो उसने पुलिस के साथ बहस करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उसने पुलिस अधिकारी को धमकाते हुए उसका नाम नोट किया जिसने उसे दस्ताने और मास्क पहनने के लिए कहा था।

न्यूज एसेंजी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस घटना के दौरान रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और हमें सूचित किया कि वे वसंत विहार के विदेशी नागरिकों को भी समझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे उनकी बात नहीं सुन रहे हैं।
बता दें कि वसंत विहार उच्च सुरक्षा वाला बेहद पॉश इलाका है। यहां पास में ही कई विदेशी दूतावास भी हैं जिसके कारण इस इ’लाके में हर समय कड़ी सुरक्षा रहती है।
बिना मास्क लगाए बाहर निकलना अपराध
दिल्ली में तेजी से बढ़ते कोरोना के प्रसार के मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बिना मास्क लगाए बाहर निकलना अपराध घोषित कर दिया है। मास्क न पहनने पर जुर्माना और छह माह तक जे’ल की स’जा हो सकती है। दिल्ली के मुख्य सचिव विजय देव की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब से दिल्ली में बिना मास्क लगाए या चेहरा ढके निकलने पर धारा 188 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके तहत एक से छह महीने तक की सजा और 200 रुपये से 1000 रुपये तक का जुर्मा’ना लगाया जा सकता है।
दिल्ली सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अगले आदेश तक दिल्ली में बिना चेहरा ढके निकलना अपराध की श्रेणी में आएगा। यह आदेश दिल्ली के सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों के लिए भी लागू होगा। सरकारी बैठकों में हिस्सा लेने वाले अधिकारियों को भी मास्क लगाना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य कारण हो या कोई भी अन्य कारण बिना मास्क पहने कोई व्यक्ति दिल्ली में नहीं निकल सकेगा। मुख्य सचिव विजय देव ने कहा, कुछ दिनों के लिए इस प्रकार के कड़े फैसले लेने की जरूरत है, ताकि कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को रोका जा सके।






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