दाे दिनाें तक आसमान में बादल छाने के साथ ही साेमवार की सुबह पूरे जिले में हुई हल्की से मध्यम बारिश से झुलस रही लीची काे जीवनदान मिला है। लीची में हरियाली फिर से आ गई है ताे लाल हाे चुकीं लीचियाें के फटने का खतरा भी कम हाे गया है। इसके साथ ही लीची किसान एक बार फिर बेहतर फलन काे लेकर आशान्वित हाे गए हैं। जिले में इस माह लगातार जलानेवाली नमीरहित पछुआ हवा व तापमान 40 के आसपास हाेने से किसानों ने लीची व आम के बेहतर उत्पादन की आस छाेड़ दी थी। किसान इस बात से परेशान थे कि सिंचाई करने पर भी 24 घंटे बाद ही नमी खत्म हाे जा रही थी। फल का विकास रुक गया था। लेकिन, दाे दिनाें से तापमान में कमी आने व बारिश से फलाें काे काफी फायदा हुआ है।
बता दें कि इस माह जब लीची का विकास हाेने का समय आया ताे 12 अप्रैल से जिले का अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ने लगा। 17 अप्रैल से 4 दिनाें तक ताे अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने के साथ पछुआ हवा में नमी की मात्रा दाेपहर में केवल 21 प्रतिशत रह गई। इससे लीची व आम काे व्यापक नुकसान हुआ। झुलस रहे फलाें काे देखकर किसानाें की आस टूट चुकी थी। लेकिन, 21 अप्रैल से बादल छाने व साेमवार की सुबह हुई बारिश ने फिर से आस जगा दी है। लीची उत्पादक किसान भाेलानाथ झा कहते हैं कि लगातार सिंचाई के बाद भी लीची व आम काे बचाना मुश्किल हाे गया था। लेकिन, इस बारिश ने जिले के किसानों के कराेड़ाें के फायदा की आस जगा दी है। साथ ही क्वालिटी बेहतर हाेने पर देश-विदेश तक डिमांड बढ़ने की उम्मीद भी जगी है।
माैसम सुहाना रहने का आसार
पूसा कृषि माैसम परामर्शी सेवा के नाेडल अधिकारी डाॅ. ए सत्तार के अनुसार जिले में औसत 5-10 मिलीमीटर बारिश हाेने से अधिकतम तापमान गिरा है। साेमवार काे अधिकतम तापमान सामान्य से 6.7 डिग्री कम 29.5 डिग्री व न्यूनतम 18.4 रहने से माैसम सुहाना हाे गया है। पुरवा हवा में नमी की मात्रा बढ़कर सुबह में 87 व दाेपहर में भी 56 प्रतिशत पर पहुंच गई है। माैसम विभाग के अनुसार मंगलवार काे तापमान 2-3 डिग्री बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद लगातार बादल छाने व बीच-बीच में बारिश-बूंदाबांदी हाेने से इस सप्ताह माैसम सुहाना रहने के आसार हैं।



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