जमुई में बीजेपी विधायक विनय बिहारी को चूना लगाने वाले सायबर फ्रॉड को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रामाशीष यादव कस्टम ऑफिसर बन कर 1.54 लाख का फ्रॉड किया था। विधायक को गाड़ी दिलाने के नाम पर ठगी की गई थी।
इस मामले में विधायक विनय बिहारी ने पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में 13 अप्रैल को एक मामला दर्ज कराया गया था। सायबर फ्रॉड का मामला दर्ज होने के बाद मोबाइल लोकेशन और टेक्निकल सेल से पता चला कि फ्रॉड करने वाला आरोपी जमुई के खैरा थाना क्षेत्र का रहने वाला है। इस दौरान पटना के कोतवाली थाना पुलिस ने जमुई के खैरा थाना पुलिस से संपर्क किया गया। उन्हें पूरी घटना की जानकारी दी।
गांव से ही हुई गिरफ्तारी
खैरा पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए खैरा के डूमरकोला गांव से रामाशीष यादव पिता नागौर यादव को गिरफ्तार कर लिया। युवक ने खाते में 1 लाख 56 हजार रूपये भेजे जाने की बात स्वीकार कर ली है। हालांकि, उसका कहना है कि उसने यह सब नवीन सिंह नामक एक व्यक्ति के कहने पर किया था ।फिलहाल पुलिस नवीन सिंह की तलाश कर रही है।
भाजपा विधायक विनय बिहारी ने बताया कि करीब तीन साल पहले पटना में एक युवक उनसे यह कहकर मिला कि वह कस्टम ऑफिसर है। उनका बड़ा फैन है। उसने अपना नाम रजनीकांत सिंह बताया था। तीन सालों में वह मुझसे मिलता-जुलता रहा। एक दिन बताया कि उसका तबादला पश्चिम बंगाल के कस्टम ऑफिसर के रूप में हो गया है।

भाजपा विधायक विनय बिहारी ठग के झांसे में आ गए थे।
गाड़ियों की लिस्ट भेजी थी
विधायक विनय बिहारी ने बताया कि कोलकाता में कस्टम विभाग से कुछ गाड़ियां नीलाम होने की जानकारी दी गई। इसके बाद मुझे गाड़ियों की एक लिस्ट भेज दिया। इसमें मुझे एक क्रेटा गाड़ी तथा मेरे बहनोई को फॉर्च्यूनर गाड़ी पसंद आई। एडवांस के तौर पर 10 फीसद राशि अकाउंट में भेजने को कहा। इसके बाद वह पैसे भेज दिया गया। इसके बाद वह हमारा फोन नहीं उठाने लगा। इस मामले में जमुई एसडीपीओ डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि विधायक से फ्रॉड करने वाला व्यक्ति खैरा थाने क्षेत्र का है। उसकी गिरफ्तारी कर ली गई है। पुलिस आगे जांच कर रही है।



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