सीतामढ़ी में भगवान की अर्धांगिनी और राजा जनक की पुत्री सीता जन्मोत्सव को लेकर तैयारी जोरो पर हैं। हर साल की तरह इस बार भी जानकी जन्मोत्सव के पावन अवसर पर विश्व के सुप्रसिद्ध श्रीराम कथावाचक श्रीतुलसी पुठाधीश्वर, पद्मविभूषण, कविकुलरत्न, जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज 23 अप्रैल से 29 अप्रैल तक पुनौराधाम में दिव्य श्रीराम कथा कहेंगे। बता दें की मिथिला राघव परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा के मुख्य यजमान डा. जानकी नंदन पांडेय तथा मुख्य सहयोगी सुशील सुन्दका ने बताया की मां जानकी जी की जन्मोत्सव के पावन अवसर पर पूज्य गुरदेव भगवान की श्रीराम कथा आयोजित होती है और इस वर्ष भी पवित्र कथा का आयोजन किया गया है।
कथा को लेकर तैयारी पुरी
कथा की अपार सफलता के लिये श्रीतुलसीपीठ, चित्रकूट और पूज्य गुरुदेव भगवान के उत्तराधिकारी आचार्य राम चंद दास जी महाराज उर्फ जय भैया का आशीर्वाद एवं लगातार मार्गदर्शन प्राप्त हो रहा है। आचार्य हिमांशु त्रिपाठी जी भी श्रीराम कथा की भव्यता को लेकर एक- एक विषय को देख रहें हैं। महाराज जी के शिष्य और हिन्दू एकता महाकुंभ के केन्द्रीय मीडिया प्रभारी अधिवक्ता संजीव कुमार मिश्र ने बताया की मिथिला राघव परिवार द्वारा आयोजित श्रीराम कथा की सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी है। लाखों-लाख की संख्या में बिहार समेत भारत के कोने-कोने तथा नेपाल के हजारों लोग पूज्य गुरदेव भगवान की कथा का श्रवण करने पहुंचने वाले हैं। श्री मिश्र ने कहा की कथा पहले से ऐतिहासिक होगी।
कई वर्षों से हो रही धनुष धारिणी सीता की पूजा
सभी भक्तगण को पूज्य गुरुदेव भगवान का सीधा- सीधा आशीर्वाद प्राप्त होगा। बता दें की सीतामढ़ी के पुनौरा धाम में माता सीता धरती के गर्भ से प्रकट हुई थी। इस मिथलांचल की धरती पर अकाल पड़ा था तो राजा जनक ने भगवान शिव की पूजा के बाद खुद से हल चलाना शुरू किया। जिसके बाद कुछ देर में भारी बारिश हुई और धरती के गर्भ से माता सीता प्रकट हुई। हर साल जिले के माता सीता का जन्मोत्सव मनाया जाता है। विगत कुछ सालों से धनुष धारिणी माता सीता की पूजा होती आ रही है। यह पूजा माता सीता की सखी लक्ष्मण नदी के तट पर किया जाता है। इसको लेकर मिथिला शक्ति संघ के द्वारा पूरी तैयारी चल रही है। माता के बाल स्वरूप की प्रतिमा का निर्माण चल रहा है।



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