कोरोना वायरस के द’हशत के बीच बिहार के गया से एक श’र्मसार करने वाली खबर आई है। कोरोना वार्ड में भर्ती एक महिला की मौ’त के बाद परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मी पर रे’प का आ’रोप लगाया है। परिवार वालों के मुताबिक, महिला गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एएनएमएमसीएच) में भ’र्ती थी। आ’रोप है कि यहां पर एक स्वास्थ्यकर्मी ने महिला से लगातार दो दिन दु’ष्कर्म किए। गर्भवती महिला जब अस्पातल से डि’स्चार्ज होकर घर पहुंची तो उसे अ’त्यधिक ब्लिडींग हुई और इस कारण उसकी मौ’त हो गई।
इस मामले में महिला की सास ने रौशनगंज थाने में अपना ब’यान दर्ज कराया है, जिसके आधार पर प्राथमिकी द’र्ज की गई है। इध अस्पताल के अधीक्षक डॉ विजय कृष्ण प्रसाद ने मा’मले की जांच के लिए टीम गठिक कर दी है।

कोरोना आइसोलेशन वार्ड में भर्ती थी महिला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, महिला अपने पति के साथ लुधियाना से 25 मार्च को गया आई थी। यहां आने के बाद उसे मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में 27 मार्च को भर्ती कराया गाय था। दो दिन महिला में कोरोना के लक्षण दिखे, जिसके बाद उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। महिला का कोरोना टेस्ट भी हुआ और रिपोर्ट नेगेटिव रही। इसके बाद महिला को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। लेकिन अगले ही दिन उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्यकर्मी ने दो दिन किया दु’ष्कर्म
मृतक महिला की सास ने बताया कि बहू के साथ अस्पताल के कोरोना वार्ड में एक स्वास्थ्यकर्मी ने दो दिन दु’ष्कर्म किया। इस कारण उसके पेट में पल रहा बच्चा खराब हो गया और अ’त्यधिक ब्लिडींग के कारण उसकी मौ’त हो गई। सास के मुताबिक, बहू ने बताया था कि कोरोना वार्ड में टिका लगाकर आने वाले एक स्वास्थ्यकर्मी ने उसके साथ दु’ष्कर्म किया था।
परिजन बोले- टिका लगाने वाला स्वास्थ्यकर्मी जिम्मेदार
सास ने बताया कि जब मेरी बहू इस बारे में शि’कायत करने वाली थी तो अस्पताल के गेटमैन ने इज्जत बचाने की बात कही। वह डरी-सहमी थी तो उसने रिपोर्ट नहीं की। घर आकर वह बार-बार टिका लगाए स्वास्थ्यकर्मी के गलत व्यवहार का जिक्र कर रही थी। सास ने कहा कि मेरी बहू और उसके पेट में पल रहे बच्चे की मौ’त का जिम्मेदार टिका लगाने वाला स्वास्थ्यकर्मी है। अगर मेरी बहू को कोरोना वार्ड नहीं भेजा जाता तो उसके साथ यह नहीं होता।




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