कोरोनो का हॉट स्पॉट बने महाराष्ट्र के भिवंडी में मुजफ्फपुर ज़िले के साहेबगंज प्रखंड के जगदीशपुर गांव के 20 लोगों की जिंदगी मौ’त के साये में कट रही है। अपनी रोजी-रोटी के खातिर भिवंडी के कपड़ा मिल में पैकिंग कार्य मे करीब इस गाँव के 25 लोग लगे थे।अचानक लॉक डाउन लगने से कपड़ा फैक्ट्री में ताला लग गया। फैक्ट्री मालिक इनका सुधि नहीं ले रहा है। कोरोना के द’हशत के बीच खाने के लाले पड़ गए है।सं’कट से निवटने के लिय लगाये गए लॉकडाउन से घर से निकलने की स्थिति नहीं है। महाराष्ट्र सरकार से कोई मदद नहीं मिलने तथा बिहार सरकार से मदद हेतु ऑनलाइन आवेदन देकर कुछ लोग मदद का इंतजार कर रहे है तो कुछ लोगों का तकनीकी व आवश्यक मापदं’ड पूरा नहीं होने से सहयोग की उम्मीद भी नहीं दिख रही है।
साहेबगंज विधानसभा के भाजपा नेता भूपाल भारती ने बताया कि जगदीश पुर के नवल दास, चंदन दास, सुजीत कुमार, अजय दास, सरोज कुमार, मिथलेश दास, गिरीश दास, मुन्ना कुमार, सहित सभी की दशा एक समान है।लॉक डाउन लंबा खिंचने उक्त प्रांत मे कोरोना के मरीजो की लगातार बढ़ने से उनलोगों की चिंता और अधिक हो गई है।


जो लोग भिवंडी में फॅसे है उनका कहना है कि एक तो गाँव के महाजन का कर्ज चुकाने दूसरे राज्य में कमाने गए। सिर मुड़ाते ओला परे कहावत उनके साथ चरितार्थ हो रही है। फैक्टरी मालिक कुछ मदद करने को तैयार नहीं है।वही गाँव -घर की भी वही स्थिति है।
इन मजदूरों की खाने पीने के अलावे रहने की भी भारी संकट है। एक छोटे से एस्बेस्टस वाले कमरे में 12 मजदूर कैसे रहेंगे इस कल्पना मात्र से लोग आश्चर्यचकित है।बाहर निकल नहीं सकते।
इन मजदूरों का कहना है कि अभी तक बिहार सरकार हो या महाराष्ट्र सरकार कोई उन्हें राहत उपलब्ध नहीं कराया है।






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